Rajasthan News : राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के रावतसर क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने शिक्षा जगत में हलचल मचा दी है। यहां प्रशासन द्वारा जारी एक आदेश के बाद अब शिक्षकों को गैस सिलेंडर वितरित करते नजर आ सकते । इस फैसले के बाद शिक्षक संगठनों का गुस्सा खुलकर सामने आ गया है। उनका कहना है कि पहले से ही शिक्षकों को पढ़ाई के अलावा कई तरह की जिम्मेदारियां दी जाती हैं, और अब गैस सिलेंडर वितरण जैसे काम भी दिए गए हैं।
उप-मंडल अधिकारी द्वारा आदेश जारी
अधिक जानकारी के लिए बता दे की यह मामला तब सामने आया जब उप-मंडल अधिकारी द्वारा जारी एक आदेश में रसोई गैस के वितरण में तीन शिक्षकों के कर्तव्य का खुलासा किया गया। इस आदेश के बाद शिक्षक समुदाय में सवाल उठाए जा रहे हैं कि शिक्षा से जुड़े लोगों से ऐसा काम क्यों लिया जा रहा है।
रावतसर से यह मामला सामने आ रहा है। यहाँ उप-मंडल अधिकारी द्वारा एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें तीन शिक्षकों को रसोई गैस सिलेंडर के वितरण से संबंधित व्यवस्था में शामिल होने का निर्देश दिया गया था। आदेश आते ही शिक्षकों के बीच चर्चा शुरू हो गई। कई शिक्षकों का कहना है कि इस तरह का आदेश उनकी बुनियादी जिम्मेदारी यानी शिक्षण के काम को प्रभावित करता है। उनका कहना है कि शिक्षा से जुड़े लोग बार-बार विभिन्न गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगे रहते हैं।
शिक्षकों काम का पहले से काफी दबाव
शिक्षकों का कहना है कि इस समय स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं। साथ ही मामले की जांच की जा रही है। ऐसे में शिक्षकों पर पहले से ही काम का काफी दबाव है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि जब शिक्षकों को पढ़ाई, परीक्षा और नकल की जांच में व्यस्त होना चाहिए, तो उन्हें गैस सिलेंडर वितरण जैसे कार्यों में संलग्न करना सही नहीं है। इससे स्कूलों के कामकाज पर असर पड़ेगा।
इसके बाद शिक्षक संघ ने इस फैसले का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर ध्यान देना चाहिए। अगर वे बार-बार इस तरह के काम में लगे रहते हैं, तो स्कूलों और पढ़ाई दोनों का माहौल प्रभावित होगा। शिक्षक संगठनों का यह भी कहना है कि इस तरह के आदेश जारी करते समय प्रशासन को यह भी देखना चाहिए कि उस समय स्कूलों में क्या स्थिति है। वर्तमान में इस आदेश के बारे में चर्चा चल रही है और कई शिक्षक संगठन इस निर्णय की समीक्षा की मांग कर रहे हैं।
