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चिड़ावा में आक्रामक बंदर का आतंक खत्म: 10 लोगों पर हमला

अडूका क्षेत्र में महिलाओं-बच्चों में दहशत, कई घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

 
Aggressive monkey rescued by Goraksha team in Chidawa area

चिड़ावा, मनीष शर्मा  शहर के समीप अडूका क्षेत्र में पिछले दो दिनों से एक आक्रामक बंदर लोगों के लिए खतरा बन गया था।
बंदर ने 10 से 12 ग्रामीणों पर अचानक हमला कर उन्हें घायल कर दिया, जिससे पूरे इलाके में भय और अफरा-तफरी फैल गई।

 स्टेशन रोड और आंगनबाड़ी क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित

स्थानीय लोगों के अनुसार बंदर स्टेशन रोड, आंगनबाड़ी क्षेत्र और आसपास की कॉलोनियों में ज्यादा सक्रिय था।
अचानक हमलों के कारण महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग घरों से बाहर निकलने से डरने लगे थे।

 सामान्य जनजीवन हुआ प्रभावित

बंदर के आतंक से दुकानें, आवाजाही और रोजमर्रा का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
ग्रामीणों ने लगातार प्रशासन और नगरपालिका से कार्रवाई की मांग की।

 गोरक्षक अनूप सिंह भाटी का बयान

गोरक्षक अनूप सिंह भाटी ने बताया

अब तक बंदर 10 से 12 लोगों पर हमला कर चुका था। कई लोग घायल हुए, जिनका स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया।

 रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची

सूचना मिलते ही अनूप सिंह भाटी और डॉ. अनुराग सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
टीम में अंकित वर्मा, अजय नायक, साहिल सैनी और अर्जुन नायक शामिल रहे।

 पहले भी हो चुका था प्रयास

अंकित वर्मा ने बताया कि इससे पहले भी स्टेशन रोड क्षेत्र में बंदर को पकड़ने का प्रयास किया गया था,
लेकिन वह टीम को चकमा देकर फरार हो गया था। रेस्क्यू के दौरान कुछ गोरक्षक सदस्य घायल भी हुए।

 प्रशासन और नगरपालिका की संयुक्त कार्रवाई

ग्रामीणों की सूचना पर ईओ दिनेश नूनिया के निर्देश से
एसआई संदीप लांबा, अनिल चौधरी, विकास लामोरिया, अरविंद दहिया, हरेंद्र, विक्की और आनंद मौके पर पहुंचे।

 कई घंटे बाद मिली राहत

काफी मशक्कत के बाद गोरक्षक टीम और नगरपालिका ने बंदर को सुरक्षित रूप से काबू में कर लिया।
इसके बाद बंदर को सुरक्षित पहाड़ी क्षेत्र में छोड़ दिया गया।

 ग्रामीणों ने जताया आभार

बंदर के पकड़े जाने के बाद अडूका और आसपास के इलाकों में राहत का माहौल बन गया।
ग्रामीणों ने प्रशासन और रेस्क्यू टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।