चिड़ावा, मनीष शर्मा झुंझुनूं जिले के अलसीसर निवासी 27 वर्षीय देवेंद्र सेन की अफ्रीकी देश घाना में हत्या कर दी गई।
हत्या के 17 दिन बाद शनिवार को जब देवेंद्र का शव गांव पहुंचा, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
20 अप्रैल को गया था घाना
जानकारी के अनुसार देवेंद्र सेन पुत्र शंभू दयाल सेन छुट्टी बिताने के बाद 20 अप्रैल को अलसीसर से घाना रवाना हुआ था।
वह 21 अप्रैल को घाना के कुमासी शहर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि वह अपना व्यवसाय घरेलू नौकर के भरोसे छोड़कर भारत आया था।
हिसाब मांगने पर की हत्या
परिजनों के अनुसार जब देवेंद्र ने अपने व्यवसाय का हिसाब मांगा, तो घरेलू नौकर ने अपने चार साथियों को बुलाकर 23 अप्रैल को उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपियों ने शव को कार की डिक्की में छिपाकर कार को सुनसान इलाके में छोड़ दिया।
तीन दिन बाद मिला शव
घटना के करीब तीन दिन बाद पुलिस ने कार से शव बरामद किया।
घटना की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने घाना में रहने वाले परिचितों से जानकारी की पुष्टि कराई, जिसके बाद परिवार में कोहराम मच गया।
शव पहुंचते ही उमड़ी भीड़
शनिवार को जब देवेंद्र सेन का शव अलसीसर पहुंचा, तो गांव में सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
परिजन शव देखकर बेसुध हो गए। गमगीन माहौल में देवेंद्र का अंतिम संस्कार किया गया।
राजस्थान एसोसिएशन घाना ने किया सहयोग
प्रतिनिधि के तौर पर पहुंचे महेंद्र सिंह जोधपुर और सुनील जोशी परबतसर ने बताया कि घाना से अलसीसर तक शव लाने में राजस्थान एसोसिएशन घाना के फाउंडर और अध्यक्ष यशपाल राठौड़ तथा कनिका राजपुरोहित ने पूरा सहयोग किया।




