उदयपुरवाटी,कैलाश बबेरवाल। झुंझुनूं जिले के कल्याण राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत व्याख्याता एवं पर्यावरण कार्यकर्ता अनीता शर्मा को जयपुर के होटल क्लार्क्स आमेर में आयोजित राज्य स्तरीय विश्व पर्यावरण दिवस शिखर सम्मेलन में प्रतिष्ठित REECC पर्यावरण पुरस्कार 2026 से सम्मानित किया गया।
यह सम्मान उन्हें पर्यावरण संरक्षण, जल बचाओ अभियान और पौधारोपण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए प्रदान किया गया।
राज्य स्तरीय मंच पर हुआ सम्मान
सम्मेलन के दौरान पूर्व विधायक सीपी जोशी, प्रशासनिक अधिकारी समीत शर्मा तथा केईआई के सीएमओ गोविंद शर्मा सहित कई गणमान्य अतिथियों ने अनीता शर्मा को सम्मानित किया।
इस अवसर पर उनके पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पण और जनजागरूकता अभियानों की सराहना की गई।
रेडियो के जरिए शुरू की पर्यावरण जागरूकता की मुहिम
अनीता शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए रेडियो जैसे प्रभावशाली माध्यम का उपयोग किया।
उन्होंने अपने संदेशों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों, ढाणियों और दूरस्थ इलाकों तक यह जागरूकता पहुंचाई कि पेड़ और पानी का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
उनके प्रयासों से हजारों लोगों ने पौधारोपण अभियान से जुड़कर पौधों को केवल लगाने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उनकी देखभाल कर उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित किया।
जल संरक्षण को लेकर भी किया उल्लेखनीय कार्य
शेखावाटी क्षेत्र लगातार गिरते भूजल स्तर और डार्क जोन की चुनौती का सामना कर रहा है। ऐसे समय में अनीता शर्मा ने पारंपरिक जल संरक्षण प्रणालियों को पुनर्जीवित करने और जल बचाने के लिए लोगों को प्रेरित करने का अभियान चलाया।
उनकी पहल ने पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
युवाओं और समाज के लिए बनीं प्रेरणा
अनीता शर्मा की उपलब्धि केवल व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि पूरे झुंझुनूं जिले और शेखावाटी क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने यह साबित किया है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो तो एक व्यक्ति भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनका कार्य युवाओं और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
पर्यावरण बचाने का दिया संदेश
अनीता शर्मा का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि:
- बच्चों के जन्मदिन पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं।
- लगाए गए पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी भी निभाएं।
- जल संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
- पर्यावरण के प्रति स्वयं जागरूक बनें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
उनकी यह सोच आज के दौर में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जब ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ती गर्मी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बन चुकी है।





