Hindi News / Jhunjhunu News (झुंझुनू समाचार) / शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती और स्वतंत्रता सेनानी लीला रॉय की पुण्यतिथि मनाई

शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती और स्वतंत्रता सेनानी लीला रॉय की पुण्यतिथि मनाई

झुंझुनू, राष्ट्रीय साहित्यिक, सांस्कृतिक व सामाजिक संस्थान आदर्श समाज समिति इंडिया के कार्यालय सूरजगढ़ में देश के महान क्रांतिकारी अमर शहीद पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर रणधीर सिंह बुडानिया की अध्यक्षता में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि युवा जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप ढ़ेवा व विशिष्ट अतिथि यशपाल बलौदा, शेखर ठोलिया और मास्टर राम स्वरूप सिंह आदि रहे। इस मौके पर स्वाधीनता आंदोलन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की सहयोगी रही बंगाली पत्रकार, महिला अधिकारों की समर्थक महान सामाजिक कार्यकर्ता, संविधान सभा की सदस्य व स्वतंत्रता सेनानी लीला रॉय नाग की पुण्यतिथि मनाई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने महान स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर स्वाधीनता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। आदर्श समाज समिति इंडिया के कार्यालय में पहली बार पधारे युवा जाट महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप ढ़ेवा का सम्मान किया। आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गाँधी ने शहीद रामप्रसाद बिस्मिल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा- ‘सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-क़ातिल में है’। ऐसे गीतों को अमर बनाने वाले रामप्रसाद बिस्मिल भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि उच्च कोटि के कवि, शायर, अनुवादक, बहुभाषाविद् व साहित्यकार भी थे, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। रामप्रसाद बिस्मिल काकोरी कांड के महानायक थे, जिन्हें अंग्रेजों ने उनके साथियों के साथ फांसी की सजा दी थी। आज इतने सालों बाद जब हम महात्मा गांधी, रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्लाह खान जैसे अनेक महान स्वतंत्रता आंदोलन के सिपाहियों के बारे में सोचते हैं और उनकी देशभक्ति और राष्ट्रवाद की तुलना आज से करते हैं तो लगता है कि आज लोगों ने नकली राष्ट्रवाद का झंडा और नफरत का एजेंडा चला रखा है, जिससे सबसे ज्यादा नुकसान देश को हो रहा है। जिन संगठनों ने कभी आजादी की लड़ाई में भाग नहीं लिया, उन संगठनों के लोग अब देशभक्ति की बात कर रहे हैं। राजनीति भी अजीब रंगमंच है। जिन लोगों ने कभी तिरंगे को स्वीकार नहीं किया, वह लोग अब तिरंगा यात्रा निकाल रहे हैं। घर-घर तिरंगा फहराने की बात कर रहे हैं। हत्यारों को पूजने की प्रथा चला रहें हैं। देश की आजादी के लिए जीवन समर्पित करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों का इतिहास मिटाया जा रहा है और धार्मिक उन्माद फैलाने वाले लोगों को स्वतंत्रता सेनानी बनाया जा रहा है। कार्यक्रम में देश के लोकतंत्र और वर्तमान परिपेक्ष्य पर भी चर्चा हुई। इस मौके पर युवा जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय मील, पूर्व उपप्रधान रणधीर सिंह बुडानिया, पूर्व पंचायत समिति सदस्य पवन शर्मा, मास्टर राम स्वरूप सिंह, राजेंद्र कुमार, विनोद गुर्जर, शेखर ठोलिया, यशपाल बलौदा, अमित पूनियां, जेगी भास्कर, रवि कुमार, सुनिल गाँधी व अंजू गाँधी, दिनेश आदि अन्य लोग मौजूद रहे।

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