चिड़ावा, शहीद दिवस के अवसर पर किसान भवन, चिड़ावा में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिलाध्यक्ष विजय मील के नेतृत्व में किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बलिदान को स्मरण किया।
गांधीजी: सत्य, अहिंसा और शांति के प्रतीक
कार्यक्रम में आदर्श समाज समिति इंडिया के अध्यक्ष धर्मपाल गांधी ने महात्मा गांधी के जीवन और विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा—
विश्व इतिहास में अनेक नेता और क्रांतिकारी हुए, लेकिन
महात्मा गांधी जैसा अहिंसा का पुजारी और मानवता का रक्षक कोई दूसरा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि गांधीजी के विचारों ने भारत ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व को नागरिक अधिकारों और स्वतंत्रता के आंदोलनों के लिए प्रेरित किया।
स्वतंत्रता संग्राम में गांधीजी की भूमिका
वक्ताओं ने बताया कि:
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गांधीजी ने दक्षिण अफ्रीका और भारत में अंग्रेजों के विरुद्ध
अहिंसक आंदोलनों का नेतृत्व किया -
फिनिक्स आश्रम और टॉलस्टॉय आश्रम की स्थापना की
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भारत में साबरमती आश्रम और सेवाग्राम आश्रम जैसे संस्थानों के माध्यम से
राष्ट्रीय चेतना का प्रसार किया
देश के महान नेताओं के प्रेरणास्रोत
गांधीजी के विचारों से प्रेरित होकर देश के अनेक महान नेता स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े, जिनमें प्रमुख रूप से:
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस
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पंडित जवाहरलाल नेहरू
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सरदार वल्लभभाई पटेल
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डॉ. राजेंद्र प्रसाद
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विनोबा भावे
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खान अब्दुल गफ्फार खान
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जयप्रकाश नारायण
शामिल रहे।
30 जनवरी: इंसानियत पर हमला
वक्ताओं ने कहा कि 30 जनवरी 1948 को महात्मा गांधी की हत्या केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि इंसानियत की हत्या थी।
इसी कारण गांधीजी की पुण्यतिथि को शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है।
ये लोग रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से:
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विजय मील
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शिक्षाविद् रघुवीर सिंह राजवीरपुरा
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धर्मपाल गांधी
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बलवीर सैनी
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अमित नूनिया
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इशांत सहित
अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
