चिड़ावा,मनीष शर्मा। निकटवर्ती श्योपुरा गांव निवासी विमलेश कुमार के संस्कृत ग्रेड द्वितीय शिक्षक पद पर चयन होने से परिवार और पूरे गांव में खुशी का माहौल है। चयन की सूचना मिलते ही परिजनों, मित्रों और ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी व्यक्त की और सफल अभ्यर्थी को शुभकामनाएं दीं।
परिवार ने बताया मेहनत का परिणाम
विमलेश कुमार, स्वर्गीय बनवारीलाल मास्टर (बुडानिया) के पौत्र तथा शुभकरण बुडानिया के पुत्र हैं। संस्कृत ग्रेड द्वितीय शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफलता मिलने के बाद परिवारजनों ने इसे उनकी वर्षों की मेहनत, लगन और निरंतर प्रयासों का परिणाम बताया।
परिजनों का कहना है कि कठिन परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण के कारण ही यह उपलब्धि हासिल हो सकी है।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा
ग्रामीणों ने विमलेश कुमार की सफलता को गांव के लिए गौरव का विषय बताते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प आवश्यक होता है।
ग्रामीणों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करेगी। इससे गांव के विद्यार्थियों में शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के प्रति उत्साह बढ़ेगा।
बधाइयों का लगा तांता
चयन की खबर फैलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से लोगों ने विमलेश कुमार और उनके परिवार को बधाई दी।
इस अवसर पर सुशील डांगी, विकास बुडानिया, मनोज डांगी, नितेश डांगी, विक्रांत जाखड़, धारा राम, जीतू पचार, अमित भास्कर, भरत सिंह, टोनी, हरीश, रोहिताश, श्रवण सैनी, मनकेश तथा विनोद सैनी सहित अनेक लोगों ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
शिक्षा क्षेत्र में बेहतर योगदान की उम्मीद
परिवारजनों ने शुभकामनाएं देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि विमलेश कुमार शिक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
उनकी सफलता ने न केवल परिवार बल्कि पूरे श्योपुरा गांव का मान बढ़ाया है।





