बाल विवाह के खिलाफ छात्रों और अधिकारियों ने शहर में दिया जागरूकता संदेश
झुंझुनूं, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत शनिवार को झुंझुनूं में जन-जागरूकता रैली आयोजित की गई।
इस रैली का उद्देश्य समाज में बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता फैलाना और लोगों को इस कुरीति के खिलाफ एकजुट करना था।
स्कूल से कलेक्ट्रेट तक निकली रैली
जागरूकता रैली को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. महेंद्र के सिंह सोलंकी, बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अरविंद ओला, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी नेहा झाझड़िया और जिला युवा अधिकारी मधु यादव ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
रैली शहीद कर्नल जे.पी. जानू राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से शुरू होकर रोड नंबर 1 से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंची।
रैली में शामिल छात्र-छात्राओं ने “बाल विवाह बंद करो”, “बच्चों को पढ़ने दो, आगे बढ़ने दो” जैसे नारे लगाकर आमजन को जागरूक किया।
बाल विवाह बच्चों के भविष्य को करता है प्रभावित
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. महेंद्र के सिंह सोलंकी ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई है, जो बच्चों के अधिकारों का हनन करती है।
उन्होंने बताया कि कानून द्वारा निर्धारित आयु से कम उम्र में विवाह करना दंडनीय अपराध है और समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह इस कुरीति को रोकने में अपनी भूमिका निभाए।
उन्होंने कहा कि बाल विवाह से बच्चों के शारीरिक, मानसिक और शैक्षणिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है, विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य पर इसका अधिक असर पड़ता है।
बाल विवाह की सूचना 1098 हेल्पलाइन पर दें
बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक अरविंद ओला ने कहा कि बाल विवाह को रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने बताया कि यदि कहीं बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो तुरंत 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है। शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ भी दिलाई गई।
ये अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस अवसर पर जिला अल्पसंख्यक अधिकारी नेहा झाझड़िया, जिला युवा अधिकारी मधु यादव, सहायक जनसंपर्क अधिकारी विकास चाहर, डॉ. विकास मील, किशोर गृह अधीक्षक अंकित मील और सामाजिक कार्यकर्ता विकेश सिहाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
