चिड़ावा,मनीष शर्मा। शहर के वार्ड नंबर 18 में गुरुवार देर रात एक विद्युत तार टूटकर सड़क पर गिर जाने से क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और लोगों ने एहतियात के तौर पर उस क्षेत्र से दूरी बनाकर रखी।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार टूटे हुए तार में काफी देर तक विद्युत प्रवाह जारी रहा, जिससे बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रही।
करंट की चपेट में आने से कई जीवों की मौत
वार्डवासियों ने बताया कि टूटे हुए विद्युत तार के संपर्क में आने से करीब 10 से 15 मेंढकों की मौत हो गई।
इसके अलावा एक आवारा कुत्ता भी करंट की चपेट में आ गया, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में पशु-पक्षियों और आमजन की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
युवक बाल-बाल बचे
स्थानीय लोगों के अनुसार तार टूटने के दौरान और उसके बाद क्षेत्र से गुजर रहे कुछ युवक भी हादसे का शिकार होते-होते बच गए।
लोगों का कहना है कि समय रहते सतर्कता नहीं बरती जाती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
“कुछ युवक उसी रास्ते से गुजर रहे थे, लेकिन समय रहते सावधान हो जाने से वे करंट की चपेट में आने से बच गए।” स्थानीय निवासी
प्रशासन और विभागीय टीम के नहीं पहुंचने पर नाराजगी
घटना के बाद लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समाचार लिखे जाने तक मौके पर किसी विभागीय अधिकारी या प्रशासनिक टीम के पहुंचने की जानकारी नहीं मिली थी।
इसको लेकर वार्डवासियों में नाराजगी देखने को मिली और लोगों ने इसे गंभीर लापरवाही बताया।
विद्युत विभाग से की तत्काल कार्रवाई की मांग
वार्डवासियों ने विद्युत विभाग से टूटे हुए तार को तुरंत ठीक कराने और क्षेत्र में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि खुले या टूटे हुए बिजली के तार आमजन, पशुओं और पक्षियों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए नियमित निगरानी, समय पर रखरखाव और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर शहर में विद्युत लाइनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते टूटे हुए तारों की मरम्मत और निगरानी नहीं की गई तो भविष्य में इससे बड़ा हादसा हो सकता है।





