चिड़ावा, मनीष शर्मा झुंझुनूं जिले के चिड़ावा में साइबर ठगों ने व्यापारियों को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है। ठग खुद को निजी स्कूल का मैनेजर बताकर व्यापारियों से सामान मंगवा रहे हैं और बाद में भुगतान के बहाने फर्जी स्कैनर और लिंक भेजकर बैंक खातों से रकम निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि व्यापारियों की सूझबूझ और सतर्कता से अब तक कोई बड़ी ठगी नहीं हो सकी है।
स्कूल के नाम पर मंगवाया जा रहा सामान
जानकारी के अनुसार साइबर ठग अज्ञात मोबाइल नंबरों से व्यापारियों को कॉल करते हैं। वे खुद को किसी निजी स्कूल का प्रबंधक बताते हुए विभागीय निरीक्षण या कार्यक्रम का हवाला देते हैं।
इसके बाद वे पानी की टंकी, पशु आहार, पाइप, पंखे और अन्य सामान तुरंत भेजने की बात कहते हैं। नकद भुगतान का भरोसा मिलने पर व्यापारी सामान रवाना कर देते हैं।
सामान पहुंचते ही भेजा जाता है फर्जी स्कैनर
ठग वाहन चालक का मोबाइल नंबर भी अपने पास रख लेते हैं। जैसे ही सामान स्कूल के पास पहुंचता है, व्यापारी के मोबाइल पर एक फर्जी स्कैनर या लिंक भेजा जाता है।
इसे खोलने पर बैंक खाते से रकम निकालने की कोशिश की जाती है। लेकिन व्यापारियों ने समय रहते सावधानी बरती और स्कैनर नहीं खोला।
व्यापारी अशोक मोदी ने बताई पूरी घटना
व्यापारी अशोक मोदी ने बताया कि ठग ने निजी स्कूल में निरीक्षण का हवाला देकर पानी की टंकी मंगवाई थी।
“सामान स्कूल के पास पहुंचने के बाद भुगतान के नाम पर स्कैनर भेजा गया। शक होने पर हमने उसे नहीं खोला, जिससे ठगी से बच गए।” अशोक मोदी
अन्य व्यापारियों को भी बनाया निशाना
इसी तरह व्यापारी महेंद्र मोदी और नथमल मोदी से भी पशु आहार की गाड़ी मंगवाई गई। आरोपित ने भुगतान प्रक्रिया के नाम पर फर्जी स्कैनर भेजा, लेकिन व्यापारियों ने सतर्कता दिखाते हुए लिंक नहीं खोला।
व्यापार मंडल ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की
लगातार बढ़ रही साइबर ठगी की घटनाओं को देखते हुए व्यापार मंडल संस्थान ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
अध्यक्ष महेश कुमार मालानी के निर्देश पर महामंत्री राजेश कुमार मोदी और अशोक मोदी ने पुलिस से व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
पुलिस ने शुरू की जांच
थाना प्रभारी अम्बिका चौधरी ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने व्यापारियों और आमजन से किसी भी अज्ञात लिंक या स्कैनर को नहीं खोलने की अपील की है।
साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी सावधानियां
- किसी भी अज्ञात स्कैनर या लिंक को तुरंत न खोलें।
- भुगतान संबंधी जानकारी फोन पर साझा न करें।
- ग्राहक या संस्था की पहचान की पुष्टि जरूर करें।
- संदिग्ध कॉल आने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें।
- बैंक खाते और OTP की जानकारी गोपनीय रखें।





