झुंझुनूं जिले के चिड़ावा शहर में घर-घर कचरा संग्रहण व्यवस्था पिछले करीब एक महीने से पूरी तरह ठप पड़ी है।
इसका मुख्य कारण नगर पालिका के ऑटो टिप्परों का खराब होना बताया जा रहा है।
शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ा असर
कचरा उठाव बंद होने से शहर की नियमित सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
इससे आमजन को गंदगी और दुर्गंध की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों के सामने रोजगार संकट
ऑटो टिप्पर बंद होने से ड्राइवरों और हेल्पर्स के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों का कहना है:
“हम रोज समय पर ड्यूटी पर आते हैं, लेकिन गाड़ियां खराब होने के कारण काम नहीं मिल रहा।”
पिछले एक महीने से वे लगभग खाली बैठे हैं
नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ विरोध
समस्या से परेशान कर्मचारियों ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
उन्होंने अधिशाषी अधिकारी के नाम ज्ञापन जेईएन आकाश जांगिड़ को सौंपा।
क्या है कर्मचारियों की मांग?
ज्ञापन में कर्मचारियों ने मांग की:
खराब पड़े ऑटो टिप्परों की जल्द मरम्मत
कचरा संग्रहण व्यवस्था को तुरंत शुरू किया जाए
आर्थिक परेशानी बढ़ी
कर्मचारियों का कहना है कि काम बंद होने से उनकी आय प्रभावित हो रही है और आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि:
यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो स्थिति और बिगड़ सकती है
ये कर्मचारी रहे मौजूद
इस दौरान
- विशाल
- कपिल कटेवा
- कपिल कुमार
- आबिद खान
- पीरामल सैनी
- सुनील कुमार
- सत्यवीर
- शीशराम
सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
चिड़ावा से मनीष शर्मा की रिपोर्ट
