झुंझुनूं जिले के चिड़ावा क्षेत्र में करंट लगने से राष्ट्रीय पक्षी मोर की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलने के बाद गौरक्षकों और वन विभाग की टीम ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मोर का विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी दुख का माहौल देखने को मिला।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे गौरक्षक
जानकारी के अनुसार गौरक्षक अंकित वर्मा को क्षेत्र में एक मृत मोर मिलने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर जांच करने पर पता चला कि मोर की मौत करंट लगने के कारण हुई है।
इसके बाद अंकित वर्मा ने तुरंत वन विभाग को सूचना दी।
मुक्ति धाम में किया गया अंतिम संस्कार
वन विभाग की टीम से लक्ष्मी डेला खेतड़ी रोड पावर हाउस के पीछे स्थित मुक्ति धाम, भूतनाथ मंदिर परिसर पहुंचीं।
यहां गौरक्षकों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में राष्ट्रीय पक्षी मोर का धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
धार्मिक विधि से दी गई अंतिम विदाई
अंत्येष्टि प्रक्रिया पंडित पवन कुमार नारनौलिया उर्फ सरकार द्वारा संपन्न करवाई गई। गौरक्षकों ने मोर को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी।
“राष्ट्रीय पक्षी की इस तरह मौत होना बेहद दुखद है, वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम जरूरी हैं।” स्थानीय लोग
खुले बिजली तारों पर उठे सवाल
मौजूद लोगों ने कहा कि खुले बिजली तार और करंट प्रवाहित होने की घटनाएं पक्षियों और वन्य जीवों के लिए बड़ा खतरा बन रही हैं।
उन्होंने संबंधित विभागों से ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की।
कई लोग रहे मौजूद
इस दौरान प्रदीप सैनी, अंकित वर्मा, पंकज वर्मा, शुभम कटारिया बिट्टू, राकेश दहिया उर्फ रॉकी, अर्जुन नायक, जोनी सैन, अभिषेक और हरेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।





