झुंझुनूं जिले के चिड़ावा शहर में स्टेशन चौराहा से गाडिया हाउस मार्ग तक तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में लगातार बढ़ते यातायात और वाहनों की अनियंत्रित गति के चलते दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
वार्डवासियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
स्थिति को गंभीर मानते हुए वार्ड संख्या 09 के नागरिकों ने उपखंड अधिकारी (SDM) को प्रार्थना-पत्र सौंपकर मार्ग पर उचित स्थानों पर स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) बनाने की मांग की है।
नागरिकों का कहना है कि प्रशासन को जल्द से जल्द इस दिशा में कदम उठाने चाहिए ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।
बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर मंडरा रहा खतरा
स्थानीय निवासियों के अनुसार यह सड़क मुख्य रिहायशी क्षेत्र से होकर गुजरती है, जहां दिनभर बच्चों, बुजुर्गों और आम नागरिकों की आवाजाही बनी रहती है।
इसके बावजूद कई वाहन चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए अत्यधिक गति से वाहन चलाते हैं, जिससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
प्रशासनिक अनदेखी पर जताया रोष
क्षेत्रवासियों ने आरोप लगाया कि सड़क सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक कदम नहीं उठाए जाने के कारण लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।
निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
मार्ग का निरीक्षण कर कार्रवाई की मांग
वार्डवासियों ने एसडीएम से मांग की है कि संबंधित मार्ग का प्रशासनिक निरीक्षण करवाकर जल्द से जल्द स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं।
साथ ही यातायात नियंत्रण और सड़क सुरक्षा के अन्य उपाय भी लागू किए जाएं ताकि दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे नागरिक
जनहित में उठाई गई इस मांग के दौरान घनश्याम, योगी, विनोद कुमार, अमित सैनी (गोलू), दिनेश, नरेंद्र सिंह और कपिल सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।
सभी ने एक स्वर में क्षेत्र की सुरक्षा के लिए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
स्थानीय लोगों की प्रमुख मांगें
- रिहायशी क्षेत्र में स्पीड ब्रेकर का निर्माण
- चेतावनी और गति सीमा संकेतक लगाए जाएं
- यातायात नियमों की नियमित निगरानी
- स्कूल और आवासीय क्षेत्रों के पास विशेष सुरक्षा व्यवस्था
- पुलिस गश्त और यातायात नियंत्रण बढ़ाया जाए





