झुंझुनूं जिले में ड्यूटी के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए नवलगढ़ पुलिस थाने के कांस्टेबल ड्राइवर भींवाराम मेघवाल को शहीद का दर्जा देने की मांग तेज हो गई है।
अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार विरोधी जिला संघर्ष समिति झुंझुनूं के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को जिलाध्यक्ष डॉ. जगदीश बरवड़ के नेतृत्व में भींवाराम के निवास स्थान पहुंचकर शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की।
संदिग्ध बदमाशों का पीछा करते समय हुआ हादसा
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि कांस्टेबल भींवाराम मेघवाल नवलगढ़ थानाधिकारी अजय सिंह के साथ ड्यूटी पर तैनात थे।
इस दौरान संदिग्ध बदमाशों की गाड़ी का पीछा करते समय हादसा हुआ, जिसमें भींवाराम ने कर्तव्य निभाते हुए वीरगति प्राप्त की। वहीं थानाधिकारी अजय सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
समिति ने भींवाराम के साहस और बलिदान को राज्य के लिए बड़ी क्षति बताया।
“कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले जांबाज को शहादत का सम्मान मिलना चाहिए।” संघर्ष समिति
परिवार को बंधाया ढांढस
प्रतिनिधिमंडल ने दिवंगत कांस्टेबल के परिजनों को सांत्वना दी और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
समिति के सदस्यों ने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है।
सरकार से शहीद का दर्जा देने की मांग
संघर्ष समिति ने राजस्थान सरकार से मांग की है कि कांस्टेबल ड्राइवर भींवाराम मेघवाल को अविलंब शहीद का दर्जा दिया जाए।
इसके साथ ही परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता और अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग भी की गई।
कई सामाजिक कार्यकर्ता रहे मौजूद
इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में समिति के संरक्षक प्रोफेसर जयलाल सिंह, बलबीर सिंह काला, रामानंद आर्य, रामनिवास भूरिया, किशनलाल नायक, देवकरण सिंह महरिया, रामकरण नरनोलिया और शीशराम सिलोलिया सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सभी ने दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
क्षेत्र में शोक की लहर
कांस्टेबल भींवाराम की मौत के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। लोग उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा को याद कर रहे हैं।





