झुंझुनूं में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की ओर से कंज्यूमर वॉइस 2.0 जागरूकता न्यायोत्सव अभियान का शुभारंभ किया गया। मंडावा में आयोजित उपभोक्ता रात्रि चौपाल के दौरान आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने अभियान की शुरुआत करते हुए आमजन से इसमें सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
त्वरित और सरल न्याय अधिनियम की विशेषता
आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने कहा कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि आमजन को सरल, सुलभ और त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जाता है।
उन्होंने कहा कि अधिनियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करते हुए उन्हें समयबद्ध राहत प्रदान करना है।
1000 प्रकरणों के निस्तारण का लक्ष्य
मनोज मील ने बताया कि यह अभियान 24 दिसंबर 2026 राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस तक जिलेभर में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत 1000 प्रकरणों के निस्तारण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि आयोग का प्रयास है कि इस वर्ष दर्ज होने वाले मामलों की तुलना में पांच गुना अधिक लंबित मामलों का समाधान किया जाए, ताकि पीड़ित उपभोक्ताओं को शीघ्र राहत मिल सके।
राज्य आयोग के मार्गदर्शन में अभियान
उन्होंने बताया कि यह अभियान राज्य आयोग अध्यक्ष न्यायाधिपति देवेन्द्र कच्छवाहा के मार्गदर्शन और 26 फरवरी 2026 के परिपत्र की पालना के तहत संचालित किया जा रहा है।
अभियान का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक न्याय को उनके द्वार तक पहुंचाना और लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है।
अधिवक्ता समुदाय को समर्पित अभियान
मनोज मील ने कहा कि यह अभियान देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर और समस्त अधिवक्ता समुदाय को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाने और आमजन को अधिकार दिलाने में अधिवक्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।
उपभोक्ता अधिकारों की दी जानकारी
कार्यक्रम के दौरान उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। मनोज मील ने बताया कि अधिनियम के तहत उपभोक्ताओं को सुरक्षा का अधिकार, जानकारी प्राप्त करने का अधिकार, सुनवाई का अधिकार, प्रतिकर प्राप्त करने का अधिकार और शिकायत दर्ज कराने का अधिकार प्रदान किया गया है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई उपभोक्ता खराब वस्तु, घटिया सेवा, भ्रामक विज्ञापन, बीमा दावा, बिजली-पानी बिल, ई-कॉमर्स लेनदेन या अन्य सेवाओं से जुड़ी समस्या का सामना करता है तो वह आयोग में शिकायत दर्ज करा सकता है।
ई-कॉमर्स कंपनियों पर भी सख्त प्रावधान
मनोज मील ने बताया कि अधिनियम के तहत ई-कॉमर्स कंपनियों को भी जवाबदेह बनाया गया है। साथ ही भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा मिलने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी आसानी से न्याय मिल सकेगा।





