झुंझुनूं, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) ने आगामी पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा फैसला लिया है।
पार्टी जिले भर में पंचायत समिति और जिला परिषद के वार्डों में अपने उम्मीदवार उतारेगी।
यह निर्णय झुंझुनूं में पार्टी कार्यालय पर आयोजित भाकपा-माले और अखिल भारतीय किसान महासभा की संयुक्त बैठक में लिया गया।
संयुक्त बैठक में लिए गए अहम फैसले
बैठक की अध्यक्षता कामरेड सूरजभान सिंह ठोठी ने की।
बैठक में प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार द्वारा यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ किए गए व्यापार समझौतों की आलोचना की गई।
पार्टी नेताओं ने कहा कि
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इन समझौतों से सब्सिडी युक्त विदेशी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में आएंगे
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इससे भारतीय किसानों के हितों को नुकसान पहुंचेगा
12 फरवरी आम हड़ताल के समर्थन में प्रदर्शन
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 12 फरवरी को होने वाली मजदूरों की आम हड़ताल के समर्थन में
संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन में झुंझुनूं में भाग लिया जाएगा।
5 से 11 फरवरी तक जागरण अभियान
किसान मुद्दों को लेकर 5 फरवरी से 11 फरवरी तक एक सप्ताह का जागरण अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान प्रमुख मांगें होंगी
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अमेरिका-भारत व्यापार समझौता रद्द किया जाए
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एमएसपी को कानूनी गारंटी दी जाए
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बिजली विधेयक 2025 वापस लिया जाए
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झुंझुनूं जिले में यमुना नहर लाई जाए
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ओलावृष्टि व शीत लहर से प्रभावित 2022-23 की रबी फसल का मुआवजा दिया जाए
किसान महासभा का सदस्यता अभियान
अखिल भारतीय किसान महासभा द्वारा जिले में सदस्यता अभियान चलाने और ग्राम कमेटियों के गठन का भी निर्णय लिया गया।
ये नेता रहे मौजूद
बैठक में प्रमुख रूप से
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कामरेड रामचंद्र कुलहरि (जिला सचिव, भाकपा-माले)
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कामरेड ओमप्रकाश झारोड़ा (जिलाध्यक्ष, किसान महासभा)
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कामरेड इंद्राज सिंह चारावास
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कामरेड मनफूल सिंह, कामरेड अमर सिंह चाहर, कामरेड प्रेम सिंह नेहरा
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कामरेड वीरभान सिंह, कामरेड हरीओम पिलानी, कामरेड देवेंद्र सिंह कुल्हार सहित
कई पार्टी व किसान संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
