डिजिटल ठगी से बचाव के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार
झुंझुनूं में साइबर फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने बताया कि अपराधी तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों को डराकर ठगी कर रहे हैं।
“ऐसे मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।”
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम से मिलते हैं अधिकार
उन्होंने बताया कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत उपभोक्ताओं को कई अधिकार दिए गए हैं:
- सुरक्षा का अधिकार
- सूचना का अधिकार
- चयन का अधिकार
- सुने जाने का अधिकार
- निवारण का अधिकार
- जागरूकता का अधिकार
इनके माध्यम से उपभोक्ता शिकायत दर्ज कर मुआवजा प्राप्त कर सकता है।
ई-कॉमर्स और ऑनलाइन लेनदेन पर नियम
मील ने बताया कि ई-कॉमर्स नियम 2020 के तहत ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को अपनी पूरी जानकारी देना अनिवार्य है।
फर्जी विज्ञापन या धोखाधड़ी पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।
RBI की गाइडलाइन क्या कहती है?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, साइबर फ्रॉड की सूचना मिलने पर बैंक को 72 घंटे के भीतर कार्रवाई करनी होती है।
समय पर शिकायत करने पर उपभोक्ता की जिम्मेदारी सीमित हो जाती है।
बैंक और बीमा से जुड़े जरूरी नियम
उन्होंने बताया कि:
- एटीएम कार्ड, सैलरी अकाउंट और किसान क्रेडिट कार्ड पर बीमा कवर मिलता है
- उपभोक्ता को पॉलिसी और क्लेम प्रक्रिया की जानकारी होना जरूरी है
खाते फ्रीज करने पर क्या नियम?
उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार:
- केवल विवादित राशि को ही होल्ड किया जा सकता है
- पूरे खाते को फ्रीज करना उचित नहीं है
बैंक को उपभोक्ता को लिखित में पूरी जानकारी देना अनिवार्य है।
जिले में जागरूकता अभियान की तैयारी
मील ने बताया कि जिला स्तर पर कलेक्टर, पुलिस और बैंक के समन्वय से जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
आमजन के लिए जरूरी सलाह
उन्होंने लोगों से अपील की:
- किसी अनजान कॉल या लिंक पर भरोसा न करें
- OTP, PIN, पासवर्ड साझा न करें
- तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन को सूचना दें
“जागरूक उपभोक्ता ही सुरक्षित उपभोक्ता है।”
ई-जागृति पोर्टल से करें शिकायत
उपभोक्ता ई-जागृति पोर्टल के माध्यम से आसानी से शिकायत दर्ज कर सकते हैं और न्याय पा सकते हैं।
