‘सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव’—न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को किया जागरूक
झुंझुनूं शहर के गणपति नगर स्थित राजस्थान पब्लिक उच्च माध्यमिक विद्यालय में मंगलवार को साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई।
यह कार्यक्रम राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के परिवर्तनकारी मंगलवार अभियान के तहत हुआ।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता
कार्यक्रम की अध्यक्षता
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कालूराम ने की
इस दौरान विद्यार्थियों को
साइबर सुरक्षा, विधिक साक्षरता और न्याय तक पहुंच के बारे में जानकारी दी गई।
इंटरनेट के खतरों से कराया अवगत
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था:
विद्यार्थियों को साइबर बुलिंग
फिशिंग
और डेटा चोरी जैसे खतरों से अवगत कराना
कालूराम ने कहा:
“इंटरनेट एक जादुई खिड़की है, लेकिन सावधानी नहीं बरती तो यह हमारी गोपनीयता के लिए खतरा बन सकती है।”
विद्यार्थियों को बताए ‘गोल्डन रूल्स’
कार्यक्रम में इंजीनियर पियूष ढूकिया ने साइबर सुरक्षा के अहम टिप्स दिए:
मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें
अजनबी लोगों से दूरी बनाए रखें
किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले सोचें
साइबर बुलिंग के खिलाफ आवाज उठाएं
स्टाफ और विद्यार्थी रहे मौजूद
इस अवसर पर:
प्रधानाचार्य शुभकरण खीचड़
निधि सिहाग, सुधीर शर्मा, सुनील मील, पवन कुमार
सहित विद्यालय स्टाफ और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
क्यों जरूरी है साइबर जागरूकता?
आज के डिजिटल दौर में
इंटरनेट का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है
ऐसे में
सुरक्षा की जानकारी होना बेहद जरूरी है
ताकि विद्यार्थी ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रह सकें।
