उदयपुरवाटी (कैलाश बबेरवाल)। ग्राम रामपुरा स्थित दक्षिणमुखी बालाजी पीठ में गुरुवार को हनुमान जयंती के पावन अवसर पर दक्षिणमुखी बालाजी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा उत्साह और श्रद्धा के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर महंत अश्विनीदास महाराज के सानिध्य में आयोजित समारोह ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय कर दिया।
धार्मिक मूर्तियों और कीर्ति स्तंभ की स्थापना
इस विशेष अवसर पर दक्षिणमुखी बालाजी, रामानुजाचार्य, जानकीनाथ और शीतला माता की मूर्तियों की विधि-विधान से प्राण प्रतिष्ठा की गई। साथ ही मंदिर प्रांगण में भव्य कीर्ति स्तंभ की स्थापना भी की गई। धर्मसभा में उपस्थित संतों की सर्वसम्मति से बालाजी महाराज का नामकरण “ठाडा दक्षिणमुखी बालाजी रामपुरा” किया गया।
पंच कुंडीय महायज्ञ और 5100 आहुतियां
प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व तीन दिन तक चल रहे पंच कुंडीय मारुति महायज्ञ का समापन हुआ। आचार्य कृष्ण डीडवाना के नेतृत्व में 31 जोड़ों ने 5100 आहुतियों के साथ महायज्ञ की पूर्णाहुति दी और विश्व शांति की कामना की।
भंडारा और संतों का आशीर्वाद
महायज्ञ के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। इस कार्यक्रम में प्रमुख संतों जैसे डॉ. योगश्रीनाथ महाराज कोट बांध, रामप्रपनाचार्य महाराज गनेड़ी, विशम्भरदास महाराज कुशलपुरा, हेमन्तदास महाराज चिराना और ओमप्रकाश महाराज सुतोद ने शिरकत की।
सैकड़ों भक्तों ने संतों का आशीर्वाद लिया और इस पावन अवसर को यादगार बनाया। रामपुरा में दक्षिणमुखी बालाजी की प्रतिष्ठा से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और धार्मिक उल्लास का वातावरण बन गया।
