शीतला अष्टमी से शुरू हुआ लोक आस्था और परंपरा का उत्सव
उदयपुरवाटी। कैलाश बबेरवाल झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी कस्बे में शीतला अष्टमी के पावन अवसर पर लोक संस्कृति के महत्वपूर्ण पर्व Gangaur की शुरुआत बड़े उत्साह के साथ हुई।
नवविवाहिताओं और युवतियों ने परंपरा निभाते हुए कुम्हार के घर से मिट्टी लाकर ईसर-गणगौर की प्रतिमाएं बनाईं और विधि-विधान से पूजा आरंभ की।
सुबह से कुम्हारों के घर महिलाओं की भीड़
स्थानीय निवासी कजोड़ कुमावत ने बताया कि शीतला अष्टमी के दिन सुबह से ही कुम्हारों के घरों पर महिलाओं की भीड़ लगी रही।
नवविवाहिताओं ने रीति-रिवाजों के अनुसार मिट्टी लाकर ईसर-गणगौर की प्रतिमाएं तैयार कीं, जिनकी अब प्रतिदिन पूजा की जाएगी।
अब गूंजेंगे लोकगीत और पारंपरिक गीत
गणगौर की शुरुआत के साथ ही अब कस्बे की गलियों में लोकगीतों की गूंज सुनाई देने लगेगी।
महिलाएं और युवतियां प्रतिदिन पारंपरिक गीत गाते हुए गणगौर का पूजन करेंगी।
निकलेंगे बिंदौरे, सजेगा गणगौर दरबार
पर्व के दिनों में कस्बे में बिंदौरे निकाले जाएंगे और पारंपरिक तरीके से गणगौर का दरबार सजाया जाएगा।
महिलाएं गींदड़ और लोकगीतों के साथ इस उत्सव को यादगार बनाएंगी।
पति-पत्नी के प्रेम और सौभाग्य का प्रतीक
बुजुर्ग महिलाओं के अनुसार शेखावाटी क्षेत्र में गणगौर का पर्व पति-पत्नी के प्रेम, समर्पण और अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
हर साल की तरह इस बार भी उदयपुरवाटी सहित पूरे क्षेत्र में इस पर्व को लेकर खास उत्साह देखने को मिल रहा है।
