
कड़ाके की ठंड और मावट के बावजूद धरना स्थल पर बुजुर्ग, महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में डटे हुए हैं।
मकानों में दरारें, कुएं धंसे – ग्रामीणों की पीड़ा
धरनार्थियों का कहना है कि अवैध खनन के कारण
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200 से अधिक मकानों में दरारें आ चुकी हैं
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40 से ज्यादा कुएं धंस चुके हैं
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क्षेत्र का पर्यावरण गंभीर खतरे में है
इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
जिला कलेक्टर पर सुनवाई न करने का आरोप
धरनार्थी एडवोकेट जयन्त मूण्ड ने बताया कि समिति द्वारा जिला कलेक्टर अरुण गर्ग को अब तक चार बार ज्ञापन सौंपने का प्रयास किया गया, लेकिन
“सुनवाई के बजाय हमारे साथ उचित व्यवहार नहीं किया गया और ज्ञापन तक वापस कर दिया गया,” — जयन्त मूण्ड
इसके बाद ग्रामीणों ने भाजपा जिला अध्यक्ष हर्षिणी कुल्हरी को भी पूरे मामले से अवगत कराया।
सद्बुद्धि यज्ञ की चेतावनी
धरनार्थियों का कहना है कि प्रशासन की अनदेखी के चलते अब वे सद्बुद्धि यज्ञ करने को मजबूर हैं, ताकि
“प्रशासन का दिल पसीजे और पीड़ित ग्रामीणों को न्याय मिल सके।”
गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराएंगे धरनार्थी
धरने में शामिल कैप्टन विनोद सिंह ने बताया कि
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26 जनवरी को धरना स्थल पर तिरंगा फहराया जाएगा
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सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे
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ग्रामीणों द्वारा ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत झंडे वितरित किए जा रहे हैं
“हम न्याय की मांग कर रहे हैं, कोई उपद्रव नहीं फैला रहे,” — कैप्टन विनोद सिंह
धरने में ये रहे प्रमुख रूप से मौजूद
धरने में लीलाधर मीणा (बामलास), प्रदीप यादव, रामजीलाल सोहु, पूर्ण सिंह मेघवाल, नितेश बिजारणियां, हरिराम सिथल, राजबाला मीणा, सिलोचना देवी, जीवनी देवी, राकेश देवी, गीता देवी, बसंती देवी, मोनम कुमावत सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
