
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर और झुंझुनूं उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर
परिसीमन प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है।
19 से बढ़ाकर 23 किए गए वार्ड
ग्रामीणों ने बताया कि
पहले पंचायत में कुल 19 वार्ड थे,
जिनका पुनर्गठन कर संख्या 23 वार्ड कर दी गई है।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह परिसीमन
गलत और अव्यवहारिक तरीके से किया गया है।
भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या की अनदेखी
ग्रामीणों का आरोप है कि
वार्डों का सीमांकन करते समय
वास्तविक भौगोलिक स्थिति और जनसंख्या वितरण को नजरअंदाज किया गया।
परिसीमन में दिशा निर्धारण भी त्रुटिपूर्ण बताया गया है,
जहां उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम का सही क्रम स्पष्ट नहीं है।
एक ही परिवार अलग-अलग वार्डों में
ग्रामीणों ने बताया कि
एक ही परिवार के लोगों को अलग-अलग वार्डों में शामिल कर दिया गया है।
कई मामलों में परिवारों को ऐसे वार्डों में जोड़ दिया गया,
जिनसे उनका भौगोलिक रूप से कोई संबंध नहीं है।
बीएलओ और कार्यालयों के चक्कर
इस गलत परिसीमन के चलते
ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्य छोड़कर
कभी बीएलओ तो कभी झुंझुनूं कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं,
जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बिना जनसहमति किया गया परिसीमन
ग्रामीणों का कहना है कि
परिसीमन से पहले ग्राम पंचायत स्तर पर न तो आमजन की राय ली गई,
और न ही किसी प्रकार का विचार-विमर्श किया गया।
इस कारण पंचायत क्षेत्र में रोष का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने मांग की है कि
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ग्राम पंचायत इस्लामपुर के 23 वार्डों का पुनः सही तरीके से गठन किया जाए
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या फिर पूर्व की व्यवस्था अनुसार 19 वार्डों को यथावत रखा जाए
ग्रामीणों को उम्मीद है कि
जिला प्रशासन मामले की गंभीरता को देखते हुए उचित निर्णय लेगा।
