झुंझुनूं, भारतीय किसान संघ की मासिक बैठक शुक्रवार को इंदिरा नगर स्थित आहुति भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष डॉ. पवन चौधरी ने की।
बैठक में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रशासन को चेतावनी देते हुए आंदोलन का संकेत दिया गया।
किसानों की हर लड़ाई लड़ने का भरोसा
बैठक की शुरुआत ध्वजारोहण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
इस दौरान डॉ. पवन चौधरी ने कहा कि भारतीय किसान संघ का प्रत्येक कार्यकर्ता किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि
- फसलों का उचित मूल्य
- सिंचाई का पानी
- बिजली आपूर्ति
- बीमा क्लेम
जैसे मुद्दों पर संगठन मजबूती से किसानों की आवाज उठाएगा।
प्रशासन को दी सख्त चेतावनी
डॉ. चौधरी ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द मांगों पर कार्रवाई नहीं की तो किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
इन मुद्दों पर जताई नाराजगी
बैठक में किसानों की प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की गई
- वर्ष 2022-23 की रबी फसल का मुआवजा अब तक लंबित
- मंडियों में MSP पर खरीद नहीं होना
- हर खेत तक रास्ता सुनिश्चित करने की मांग
- नहरों से सिंचाई पानी की कमी
- कृषि कनेक्शनों पर पर्याप्त बिजली नहीं मिलना
- फसल बीमा क्लेम लंबित
- खाद और बीज की कालाबाजारी
15 दिन का अल्टीमेटम
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
डॉ. चौधरी ने कहा कि यदि 15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो जिला मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
अगले तीन महीने की रणनीति तैयार
बैठक में आगामी आंदोलन और कार्यक्रमों की रणनीति भी बनाई गई
जून
- किसान चौपाल
- किसान जागरूकता अभियान
जुलाई
- बिजली और पानी के मुद्दे पर SDM कार्यालयों पर प्रदर्शन
अगस्त
- MSP और फसल बीमा को लेकर किसान महापंचायत
बड़ी संख्या में किसान रहे मौजूद
बैठक में संभाग उपाध्यक्ष बलबीर सिंह चुड़ैला, संभाग मंत्री मोती सिंह, जिला उपाध्यक्ष सुभाष सांईपंवार, जिला मंत्री गुगनराम सहित कई किसान नेता मौजूद रहे।
विभिन्न तहसीलों से आए किसानों ने डॉ. पवन चौधरी के नेतृत्व पर भरोसा जताया।





