झुंझुनूं जिले में मानवता की मिसाल पेश करते हुए रक्तदान के जरिए एक प्रसूता और उसके बच्चे की जान बचाई गई।
भड़ौंदा निवासी महिला को डिलीवरी के लिए खेतान हॉस्पिटल, झुंझुनूं में भर्ती कराया गया था, जहां जांच में सामने आया कि महिला की प्लेटलेट्स कम होने के कारण डिलीवरी संभव नहीं है।
तुरंत एसडीपी की जरूरत पड़ी
डॉक्टरों ने तुरंत A पॉजिटिव SDP (Single Donor Platelets) की आवश्यकता बताई।
परिजन लाइव डोनर की तलाश में इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन समय पर कोई व्यवस्था नहीं हो पा रही थी।
सोशल मीडिया से मिली मदद
आखिरकार परिजनों ने आवाम रक्त वॉरियर्स के सदस्य सीताराम बास बुडाना से संपर्क किया।
उन्होंने तुरंत सोशल मीडिया पर मदद के लिए संदेश डाला, जिसे देखकर समूह के सदस्य जितेंद्र तंवर (देपलवास) ने तुरंत प्रतिक्रिया दी।
दोपहर में किया एसडीपी डोनेट
जितेंद्र तंवर ने बिना देरी किए भीषण गर्मी में बीडीके ब्लड बैंक पहुंचकर एसडीपी डोनेट किया।
उनकी इस तत्परता के चलते समय पर प्लेटलेट्स उपलब्ध हो सके।
सुरक्षित हुई डिलीवरी
एसडीपी मिलने के बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक डिलीवरी करवाई।
👉 जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं
रक्तदाता का आभार
इस सराहनीय कार्य के लिए आवाम रक्त वॉरियर्स ग्रुप ने जितेंद्र तंवर का आभार व्यक्त किया।
लगातार सेवा में जुटा संगठन
यह ग्रुप जिले में:
- नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करता है
- सोशल मीडिया के जरिए लाइव डोनर उपलब्ध कराता है
जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर मदद मिल सके।



