असमय बारिश से नुकसान पर आयोग ने लिया स्वतः संज्ञान
झुंझुनूं | प्रदेश में असमय बारिश और ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान पर झुंझुनूं के जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है।
आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने इस संबंध में राजस्थान सरकार के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
किसानों को हो रहा आर्थिक नुकसान
पत्र में बताया गया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के बावजूद कई जगहों पर
- फसल नुकसान की सूचना
- सर्वे प्रक्रिया
- दावा निस्तारण
में देरी हो रही है।
इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और वे कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगाने को मजबूर हो रहे हैं।
तत्काल सर्वे और गिरदावरी की मांग
आयोग ने मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि
- सभी जिलों में विशेष गिरदावरी करवाई जाए
- राजस्व, कृषि विभाग और बीमा कंपनियों के बीच समन्वय बढ़ाया जाए
- फसल क्षति का त्वरित सर्वे कराया जाए
72 घंटे में सूचना जरूरी
पत्र में यह भी कहा गया है कि फसल नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनियों को देना जरूरी है।
इसके लिए ग्राम स्तर तक जागरूकता अभियान चलाने और किसानों के आवेदन एकत्र करने पर जोर दिया गया है।
डिजिटल मॉनिटरिंग और पारदर्शिता
आयोग ने प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए
- जियो-टैग्ड फोटो
- मोबाइल ऐप
- अन्य डिजिटल माध्यम
का उपयोग अनिवार्य करने की बात कही है।
साथ ही कटाई के बाद खेत में रखी फसल के नुकसान को भी बीमा में शामिल करने पर जोर दिया गया है।
नोडल अधिकारी और समयबद्ध मुआवजा
आयोग ने सुझाव दिया है कि
- जिला स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए
- दावा निस्तारण समयबद्ध हो
- किसानों को मुआवजा मिलने तक निरंतर मॉनिटरिंग हो
नहीं हुई कार्रवाई तो बढ़ेगा विवाद
अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने स्पष्ट किया कि
यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो उपभोक्ता आयोगों पर मामलों का भार बढ़ेगा।
उन्होंने सरकार से तत्काल निर्देश जारी कर किसानों को समय पर राहत दिलाने की मांग की है।
