Hindi News / Jhunjhunu News (झुंझुनू समाचार) / झुंझुनूं साइबर क्राइम ने 14.75 लाख की ऑनलाइन ठगी के दो आरोपी पकड़े

झुंझुनूं साइबर क्राइम ने 14.75 लाख की ऑनलाइन ठगी के दो आरोपी पकड़े

शेयर ट्रेडिंग के नाम पर की थी ₹14.75 लाख की ऑनलाइन ठगी

झुंझुनूं, झुंझुनूं साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऑनलाइन ठगी के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
दोनों आरोपियों ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 14,75,200 रुपये की ठगी की थी।


शेयर ट्रेडिंग के नाम पर किया साइबर फ्रॉड

परिवादी सुबोध नागदा, निवासी झुंझुनूं, के साथ ठगों ने ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग ऐप के जरिए ठगी की।
उन्हें उच्च रिटर्न का लालच देकर विभिन्न खातों में करीब 14.75 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए।
बाद में जब लाभ नहीं मिला और ठगों ने संपर्क तोड़ दिया, तब परिवादी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।


पुलिस की सटीक जांच और गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय के निर्देशन में साइबर क्राइम थानाधिकारी रामखिलाड़ी मीणा (RPS) के सुपरविजन में पुलिस टीम गठित की गई।
टीम का नेतृत्व उपनिरीक्षक गोपाललाल ने किया।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के बाद दो आरोपियों की पहचान की —

  1. गुणवन्त पटेल, पुत्र अमृत भाई, उम्र 24 वर्ष, निवासी कमालपुर, जिला मेहसाना (गुजरात)
  2. मौलिक सिंह, पुत्र मानसिंह, उम्र 24 वर्ष, निवासी नवा, जिला साबरकांठा (गुजरात)

न्यायालय से मिला प्रोडक्शन वारंट

दोनों आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य प्रमाणित पाए जाने पर न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया गया।
इसके बाद झुंझुनूं साइबर पुलिस ने गुजरात पहुंचकर दोनों को गिरफ्तार किया।

थानाधिकारी रामखिलाड़ी मीणा ने बताया —

“दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की भी पहचान की जा रही है।”


साइबर टीम की सक्रियता से मिली सफलता

इस कार्रवाई में साइबर टीम की त्वरित कार्यवाही और डिजिटल ट्रैकिंग का बड़ा योगदान रहा।
अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन ठगी के मामलों में झुंझुनूं पुलिस लगातार तकनीकी निगरानी और बैंक समन्वय के माध्यम से अपराधियों तक पहुंच रही है।


पुलिस की अपील

साइबर थाना पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि

“कोई भी व्यक्ति अनजान ऐप या वेबसाइट पर निवेश या शेयर ट्रेडिंग के नाम पर पैसा न भेजे।
किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक की सूचना तुरंत 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें।”