झुंझुनूं में महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले को मरणोपरांत देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान “भारत रत्न” देने की मांग उठी है।
इस संबंध में लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने सांसद बृजेंद्र सिंह ओला को ज्ञापन सौंपकर संसद में यह मुद्दा उठाने की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने जताई समाज की भावना
ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कासिमपुरा के पूर्व सरपंच मदनलाल सैनी ने किया।
उनके साथ नगर परिषद पार्षद प्रदीप सैनी, ताराचंद खडोलिया और मनोज सैनी सहित कई लोग मौजूद रहे।
प्रतिनिधियों ने कहा कि फुले दम्पति को भारत रत्न देने से देश के करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान होगा।
“फुले दम्पति भारत रत्न सम्मान के हकदार हैं।” सांसद बृजेंद्र सिंह ओला
संसद में उठेगी मांग
सांसद बृजेंद्र सिंह ओला ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि यह मांग संसद में प्राथमिकता के साथ सरकार के सामने रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि समाज सुधार और महिला शिक्षा के क्षेत्र में फुले दम्पति का योगदान ऐतिहासिक रहा है।
महिला शिक्षा में योगदान को बताया ऐतिहासिक
इस दौरान कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष खलील बुडाना ने कहा कि वर्तमान महिला शिक्षा व्यवस्था महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले की देन है।
उन्होंने कहा कि समाज सुधार और शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
कई समाजजन रहे मौजूद
कार्यक्रम में लालचंद सैनी, सांवरमल सैनी, कैलाश कुमावत, ऊमर कुरैशी और डॉ. युसुफ सहित सर्व समाज के कई नागरिक उपस्थित रहे।





