झुंझुनूं कोतवाली थाना पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे दर्ज करवाने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आई है। न्यायालय ने झूठी शिकायत दर्ज कराने के मामले में एक महिला को दोषी मानते हुए 1500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
यह कार्रवाई पुलिस मुख्यालय राजस्थान द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
जांच में झूठा पाया गया मामला
पुलिस के अनुसार कोतवाली थाना में वर्ष 2023 में दर्ज मुकदमा संख्या 599/2023 की जांच के दौरान शिकायत तथ्यहीन और झूठी पाई गई।
अनुसंधान के बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता के खिलाफ न्यायालय में इस्तगासा प्रस्तुत किया।
न्यायालय ने सुनाया फैसला
मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने शिकायतकर्ता अंजू देवी को दोषी मानते हुए 1500 रुपये का अर्थदंड लगाया।
साथ ही अदालत ने भविष्य में इस प्रकार की पुनरावृत्ति नहीं करने की हिदायत भी दी।
पुलिस ने कानून के दुरुपयोग पर जताई चिंता
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि झूठी शिकायतें दर्ज करवाना कानून का दुरुपयोग है। इससे पुलिस के समय और संसाधनों का अनावश्यक उपयोग होता है तथा वास्तविक पीड़ितों के मामलों की जांच और न्याय प्रक्रिया प्रभावित होती है।
“झूठे मुकदमे दर्ज करवाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।” पुलिस विभाग
विशेष अभियान के तहत हो रही कार्रवाई
यह अभियान पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन तथा वृताधिकारी गोपाल सिंह ढाका के सुपरविजन में संचालित किया जा रहा है।
कोतवाली थाना पुलिस ने स्पष्ट किया कि न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में प्रभावी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
आमजन से जिम्मेदारीपूर्वक शिकायत दर्ज कराने की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल सत्य तथ्यों के आधार पर ही शिकायत दर्ज कराएं और किसी भी प्रकार की झूठी या भ्रामक सूचना देने से बचें।
इससे पुलिस संसाधनों का सही उपयोग होगा और वास्तविक पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा।





