छह चिकित्सकों के पदनाम विलोपन आदेश पर भड़के डॉक्टर
झुंझुनूं में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (GMC) के प्राचार्य के खिलाफ चिकित्सकों का विरोध तेज हो गया है।
अखिल राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ ने प्राचार्य के निर्णय के विरोध में मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन किया।
बीडीके अस्पताल में काली पट्टी बांधकर विरोध
बीडीके अस्पताल के चिकित्सकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा।
विरोध का कारण हाल ही में छह पदनामित चिकित्सकों के पदनाम विलोपन का आदेश बताया जा रहा है।
अधिकार क्षेत्र से बाहर कार्रवाई का आरोप
संघ के जिला प्रवक्ता डॉ विजय झाझड़िया ने आरोप लगाया कि प्राचार्य डॉ राकेश साबू ने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर छह माह में छह चिकित्सकों के पदनाम निरस्त कर दिए।
उनका कहना है कि यह निर्णय राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और राज्य सेवा नियमों के विपरीत है।
डॉ झाझड़िया ने कहा,
चिकित्सक बिना अतिरिक्त मानदेय के अध्यापन कार्य कर रहे थे और एनएमसी निरीक्षण के दौरान विभागाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभाई। इसके बावजूद उन्हें नियम विरुद्ध हटाया गया।
कई चिकित्सकों ने भेजे इस्तीफे
चिकित्सकों ने प्राचार्य पर भेदभावपूर्ण और तानाशाही रवैये का आरोप लगाया है।
आहत होकर कई पदनामित चिकित्सकों ने अपने इस्तीफे ईमेल के माध्यम से भेज दिए हैं।
संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक डॉ साबू पर अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती और उन्हें पद से नहीं हटाया जाता, तब तक शैक्षणिक कार्य का बहिष्कार जारी रहेगा।
स्थानीय असर
इस घटनाक्रम से मेडिकल कॉलेज की शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ने की आशंका है।
यदि विवाद लंबा खिंचता है तो इसका प्रभाव छात्रों और मरीजों दोनों पर पड़ सकता है।
