झुंझुनूं, अभिभाषक संस्था झुंझुनूं की साधारण सभा की बैठक में एक बड़ा निर्णय लिया गया। संस्था ने प्रस्ताव पारित किया कि जब तक जिला एवं सेशन न्यायाधीश झुंझुनूं का स्थानांतरण अन्यत्र नहीं हो जाता, तब तक अधिवक्तागण जिला एवं सेशन न्यायालय झुंझुनूं में स्वेच्छा से उपस्थिति नहीं देंगे।
यह निर्णय संस्था के जिलाध्यक्ष रतन मोरवाल के नेतृत्व में लिया गया।
क्यों लिया गया निर्णय?
बैठक में अधिवक्ताओं ने न्यायालय से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। सर्वसम्मति से तय किया गया कि मांगों के समाधान तक यह विरोध जारी रहेगा।
एक अधिवक्ता ने कहा,
यह निर्णय न्यायिक व्यवस्था में सुधार और सम्मानजनक कार्य वातावरण की मांग को लेकर लिया गया है।
27 फरवरी को फागोत्सव
संस्था ने यह भी घोषणा की कि 27 फरवरी 2026 को न्यायालय परिसर में अधिवक्तागण फागोत्सव मनाएंगे।
इस कारण सभी न्यायालयों में अधिवक्ताओं की उपस्थिति नहीं रहेगी।
आमजन पर क्या असर पड़ेगा?
- मामलों की सुनवाई प्रभावित हो सकती है।
- तारीख पर आए पक्षकारों को अगली तिथि मिल सकती है।
