“हमारी सड़क किसने चुराई?” ग्रामीणों का प्रशासन पर बड़ा आरोप
झुंझुनूं जिले में श्योलपुरा गांव की स्वीकृत सड़क को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के लिए मंजूर सड़क का निर्माण दूसरी जगह कर दिया गया। इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
किसान महासभा के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन
अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय सचिव कामरेड रामचंद्र कुलहरी और पूर्व सरपंच हुकमीचंद तातीजा के नेतृत्व में ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचा।
जिला कलेक्टर की अनुपस्थिति में प्रतिनिधिमंडल ने उनके नीति सहायक को ज्ञापन सौंपते हुए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
स्वीकृत सड़क दूसरी जगह बनाने का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2023-24 में सार्वजनिक निर्माण विभाग के खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र के पैकेज RJ 20-02/VC/KTR/2023-24 के तहत श्योलपुरा से गोरधनपुरा रास्ते पर तातीजा सीमा तक 5 किलोमीटर सड़क के लिए करीब दो करोड़ रुपए मंजूर हुए थे।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण श्योलपुरा से शुरू करने के बजाय अधिकारियों ने तातीजा गांव की तरफ सड़क बना दी।
माइलस्टोन से हुआ खुलासा
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले पूर्व सरपंच हुकमीचंद वहां से गुजर रहे थे, तब तातीजा क्षेत्र में बनी सड़क पर लगे माइलस्टोन पर “श्योलपुरा” लिखा देखा गया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
जांच नहीं होने पर नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि 27 अप्रैल को दिए गए ज्ञापन में जांच की मांग की गई थी। जिला कलेक्टर द्वारा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को जांच के निर्देश देने के बावजूद अब तक रिपोर्ट पेश नहीं की गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उनकी “स्वीकृत सड़क चोरी” कर दूसरी जगह बना दी गई।
10 जून तक कार्रवाई नहीं तो धरना
प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि यदि 10 जून तक दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई और श्योलपुरा से गोरधनपुरा मार्ग पर सड़क स्वीकृत नहीं की गई, तो ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे।
ज्ञापन देने वालों में हंसराम खटाणा, व्याख्याता मांगूराम तंवर, चुन्नीलाल और मंगलाराम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।





