किसान की बेटी ने रचा इतिहास, 12वीं आर्ट्स में पूरे राजस्थान में टॉप
झुंझुनूं जिले की एक होनहार बेटी ने पूरे राजस्थान में अपना परचम लहरा दिया है।
डिफेंस पब्लिक स्कूल झुंझुनूं की छात्रा नैनसी चौधरी ने कक्षा 12वीं आर्ट्स में 99.60% अंक हासिल कर राजस्थान टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।
साधारण परिवार, असाधारण उपलब्धि
नैनसी धनुरी नया बास गांव की रहने वाली हैं।
उनके पिता तेजेंद्र चौधरी एक किसान हैं, जबकि माता कौशल्या सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं।
सीमित संसाधनों के बावजूद नैनसी ने यह साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से हर सपना पूरा किया जा सकता है।
12–15 घंटे पढ़ाई का रहा नियम
नैनसी ने अपनी सफलता का राज बताते हुए कहा:
“परीक्षा के दिनों में मैं 12 से 15 घंटे पढ़ाई करती थी और सामान्य दिनों में भी 8–10 घंटे पढ़ना मेरा नियम था।”
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और गुरुजनों को दिया।
सपना: IAS बनकर देश सेवा
नैनसी का लक्ष्य भी उतना ही बड़ा है जितनी उनकी सफलता।
“मेरा सपना है कि मैं भारतीय सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करूं।”
उनकी यह उपलब्धि उनके सपनों को और मजबूती दे रही है।
स्कूल और परिवार में खुशी की लहर
इस शानदार सफलता पर प्रिंस ग्रुप ऑफ स्कूल्स के चेयरमैन डॉ. जी.एल. कालेर ने कहा:
“नैनसी ने साबित कर दिया कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती।”
वहीं संस्था निदेशक निर्मल कालेर ने भी इसे पूरे जिले के लिए गर्व का क्षण बताया।
गांव में जश्न का माहौल
जैसे ही नैनसी के टॉपर बनने की खबर फैली, स्कूल परिसर और गांव धनुरी नया बास में खुशी की लहर दौड़ गई।
शिक्षकों, अभिभावकों और ग्रामीणों ने नैनसी को बधाइयां दीं।
मेहनत और संकल्प की मिसाल
नैनसी चौधरी की यह सफलता यह संदेश देती है कि सपने गांव से भी पूरे हो सकते हैं, बस जरूरत है मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन की।
