झुंझुनूं, राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, झुंझुनूं में विभिन्न मामलों का आपसी समझौते और सहमति के आधार पर त्वरित निस्तारण किया गया।
लोक अदालत के दौरान आयोग से संबंधित कुल 11 प्रकरणों का समाधान करते हुए 53 लाख 5 हजार 200 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
न्याय टेबल पर हुआ मामलों का समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक न्यायालय के न्यायाधीश अजय गोदारा एवं जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील की बेंच ने मामलों की सुनवाई की।
दोनों अधिकारियों ने पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए प्रेरित किया।
लोक अदालत को बताया सरल और प्रभावी माध्यम
अधिकारियों ने कहा कि लोक अदालतें न्याय प्राप्ति का सरल, सुलभ और प्रभावी माध्यम हैं, जहां कम समय और बिना अतिरिक्त खर्च के विवादों का समाधान संभव हो पाता है।
लोक अदालत के दौरान उपभोक्ता विवादों से जुड़े विभिन्न मामलों में समझौते करवाकर पक्षकारों को राहत प्रदान की गई।
समय और धन दोनों की बचत
आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण कर आमजन को शीघ्र न्याय उपलब्ध करवाना है।
उन्होंने कहा कि समझौते के माध्यम से मामलों के निस्तारण से समय और धन दोनों की बचत होती है तथा आपसी सौहार्द भी बना रहता है।
कई अधिकारी और अधिवक्ता रहे मौजूद
कार्यवाही के दौरान भीम सिंह राजपुरोहित, महावीर मीणा, चंदन कुमार सैनी, एजाज नबी, अमित शर्मा, मोहम्मद आदिल, अनिल कालेर, महेश सैनी सहित कई अधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों ने अधिक से अधिक लोगों से लोक अदालतों का लाभ उठाने की अपील भी की।




