नीतू और ऋषिका की बिंदोरी में डीजे पर झूमे परिजन, बेटियों के सम्मान का संदेश
चिड़ावा। झुंझुनूं जिले के चिड़ावा शहर के नजदीक स्थित खेमू की ढाणी में समाज को प्रेरित करने वाली एक अनोखी पहल देखने को मिली।
यहां परिवार ने अपनी बेटियों नीतू और ऋषिका को घोड़ी पर बैठाकर बिंदोरी निकाली, जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई।
पिता ने दिया बेटियों के सम्मान का संदेश
जानकारी के अनुसार राजेंद्र लामोरिया ने अपनी दोनों बेटियों को घोड़ी पर बैठाकर बिंदोरी निकालकर समाज को बेटियों के सम्मान और समानता का संदेश दिया।
बिंदोरी के दौरान परिजन और ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला।
डीजे की धुन पर झूमे परिजन और ग्रामीण
बिंदोरी जब ढाणी और आसपास के क्षेत्र से गुजरी तो डीजे की धुन पर परिजन और ग्रामीण नाचते-गाते नजर आए।
लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक सोच को बढ़ावा देते हैं।
परिवार और ग्रामीणों ने की पहल की सराहना
इस दौरान भाई मुकेश फौजी, सचिन लामोरिया, पंकज लामोरिया, अनीश लामोरिया और युवा प्रवक्ता विकाश पायल सहित परिवार के सदस्य और कई ग्रामीण मौजूद रहे।
सभी ने कहा कि बेटियां भी परिवार और समाज के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण हैं जितने बेटे, इसलिए उन्हें समान सम्मान और अवसर मिलना चाहिए।
समाज के लिए बनी प्रेरणा
बिंदोरी के इस आयोजन के माध्यम से परिवार ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि बेटियों को भी वही सम्मान और अधिकार मिलना चाहिए जो बेटों को मिलते हैं।
क्षेत्र में इस पहल को बेटी सम्मान और समानता का प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।
चिड़ावा से मनीष शर्मा की रिपोर्ट
