झुंझुनूं उपभोक्ता आयोग का बड़ा कदम: लंबित मामलों में भेजे जाएंगे पोस्टकार्ड
झुंझुनूं, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पुराने लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। अब आयोग पीड़ित उपभोक्ताओं और सेवा प्रदाताओं को पोस्टकार्ड भेजकर मुकदमों की स्थिति से अवगत कराएगा तथा सुनवाई में शामिल होने का अंतिम अवसर देगा।
जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार मील ने कहा कि राजस्थान राज्य उपभोक्ता आयोग के परिपत्र की भावना को अक्षरशः लागू करते हुए सोमवार से यह नवाचार शुरू किया जाएगा।
लंबित मामलों के निस्तारण पर रहेगा फोकस
आयोग सदस्य प्रमेन्द्र कुमार सैनी एवं सहायक प्रशासनिक अधिकारी भीम सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में लंबित प्रकरणों की फाइलों का परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद संबंधित पक्षकारों को पोस्टकार्ड के माध्यम से मुकदमे की स्थिति और आगामी कार्रवाई की जानकारी भेजी जाएगी।
इस पहल का उद्देश्य वर्षों से लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करना है।
सुनवाई में नहीं पहुंचे तो रिकॉर्ड के आधार पर होगा फैसला
अध्यक्ष मनोज मील ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान कई मामलों में पक्षकारों को कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बड़ी संख्या में लोग सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए।
ऐसे मामलों में अब आयोग पक्षकारों को स्पष्ट रूप से सूचित करेगा कि उनका मामला किस स्तर पर लंबित है। यदि सूचना के बावजूद वे सुनवाई में शामिल नहीं होते हैं तो उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही प्रकरण का निस्तारण किया जा सकता है।
वर्षों से तारीखों पर चल रहे हैं कई मामले
आयोग के अनुसार कई मामलों में सम्मन और नोटिस तक जारी नहीं कराए गए, जिसके कारण प्रकरण वर्षों से लंबित पड़े हैं। वहीं कुछ मामलों में पक्षकारों के आपसी समझौते के बाद भी मुकदमे रिकॉर्ड में चलते रहे।
इस स्थिति से न केवल न्याय प्रक्रिया प्रभावित हुई है बल्कि उपभोक्ताओं को समय पर राहत मिलने में भी देरी हुई है।
न्याय टेबल पर समझाइश का आखिरी मौका
उपभोक्ता आयोग ने अधिवक्ताओं, उपभोक्ताओं और सेवा प्रदाताओं से अपील की है कि वे “न्याय टेबल” पर समझाइश और आपसी सहमति के माध्यम से पुराने मामलों का निपटारा करें।
अध्यक्ष मनोज मील ने स्पष्ट कहा कि यह समझाइश का अंतिम अवसर है। यदि मामलों का समाधान नहीं होता है तो आयोग अंतिम आदेश जारी करेगा।
अध्यक्ष मनोज कुमार मील का बयान
“न्याय टेबल पर समझाइश का यह आखिरी मौका है। इसका सदुपयोग कर पुराने मुकदमों का निस्तारण करवाएं। इसके बाद उपभोक्ता आयोग फाइनल ऑर्डर करेगा और राज्य आयोग के परिपत्र की भावना को अक्षरशः लागू किया जाएगा।”
उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई
राजस्थान राज्य आयोग के परिपत्र के अनुसार उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम की धारा 38(7) के तहत मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। पोस्टकार्ड के माध्यम से संबंधित पक्षों को मुकदमे की स्थिति और सुनवाई में भाग लेने के लिए सूचित किया जाएगा।
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