झुंझुनूं जिले में उपभोक्ताओं को कम पेट्रोल-डीजल दिए जाने की शिकायतों के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।
उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर जिले में औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
पांच पेट्रोल पंपों की हुई जांच
जिला रसद अधिकारी डॉ. निकिता राठौड़ ने बताया कि अभियान के तहत गठित जांच टीमों ने जिले के 5 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 और राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम 2011 के तहत किया गया।
दो पेट्रोल पंपों के नोजल सीज
जांच के दौरान दो पेट्रोल पंपों पर कम पेट्रोल देने का मामला सामने आया।
सिद्धार्थ किसान सुविधा केंद्र, चूड़ी अजीतगढ़ मंडावा में एक नोजल से प्रति 5 लीटर पर करीब 30 मिलीलीटर कम पेट्रोल दिया जा रहा था।
इसी तरह किसान सुविधा फिलिंग स्टेशन, मुकुंदगढ़ में भी एक नोजल से प्रति 5 लीटर पर लगभग 30 मिलीलीटर कम पेट्रोल की आपूर्ति पाई गई।
दोनों पंपों के संबंधित नोजल सीज कर दिए गए।
इन पेट्रोल पंपों पर सब कुछ सही मिला
जांच के दौरान—
- चौधरी चंद्रभान फिलिंग स्टेशन (HPCL), मंडावा-फतेहपुर रोड
- चौथमल सुरेंद्रकुमार (IOCL), नवलगढ़
- ढूंढलोड फिलिंग स्टेशन (IOCL), मुकुंदगढ़
पर निर्धारित मानकों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पाई गई।
विभाग ने लगाया जुर्माना
निरीक्षण के दौरान विभिन्न नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी किए गए।
विभागीय कार्रवाई के तहत कुल 2000 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में राजस्थानभर में पेट्रोल पंपों की नियमित जांच जारी रहेगी।
दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि उपभोक्ताओं को सही माप-तौल और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकें।





