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Video News: झुंझुनू: बिजली विभाग की लापरवाही से हुआ हादसा तो जिम्मेदारी लेगा कौन ?

झुंझुनू शहर के पॉश इलाके में ही लापरवाही और उदासीनता

ना कोई फेंसिंग और जमीन को छूते तार

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झुंझुनू, अभी तक तो राम की कृपा ही रही की झुंझुनू शहर में ज्यादा बारिश नहीं हुई क्योंकि राम को भी शायद राज के काज का पता था कि यदि शहर में ज्यादा बारिश हुई तो हालत बद से बदतर हो जाएंगे। लेकिन आज रात से झुंझुनू शहर में अच्छी बारिश का दौर रूक रूक कर जारी है जिसके चलते झुंझुनू की रोड नंबर 3, पंचदेव मंदिर, खेमी शक्ति मंदिर, अग्रसेन सर्किल तो जल भराव के चलते पूरी तरीके से मानो अघोषित नो एंट्री जोन हो चले हैं।

फिर भी इधर से कोई गुजरना चाहे तो वह उसकी व्यक्तिगत रिस्क ही कहा जायेगा, यह बात पिछले सालो में हुए हादसे साबित कर रहे है।

झुंझुनू शहर के सबसे पॉश एरिया मान नगर जहां तीन नंबर रोड भी लगती है वहां पर एक लापरवाही की बड़ी तस्वीर सामने आ रही है।

ना कोई फेंसिंग और जमीन को छूते तार

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इसी एक स्थान पर रोड के दोनों तरफ दो ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं और इसी स्थान पर दो बड़ी स्कूल और कई कोचिंग संस्थानों का एक जगह पर ही जमावड़ा है। वहीं कई बसें भी यहां पर आकर रुकती हैं।

स्थानीय दुकानदारों ने जानकारी देते हुए बताया कि तेतरवाल धर्म कांटे पास स्थित ट्रांसफार्मर बिल्कुल जमीन के नजदीक है और इसके तारों का जंजाल भी चारों तरफ फैला हुआ है अब बारिश के चलते पानी भी इसको छूने लगा है। साथ ही वाहनों के साथ लोग पैदल भी इसके पास से होकर गुजर रहे हैं जिसके चलते कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

वही एक दुकानदार ने जानकारी देते हुए बताया कि 3-4 साल पहले लगातार हर साल यहां पर हादसे हुए हैं जिसमें चार लोगों की मौत हो चुकी है, इसमें दुकानदारों ने दो हादसे के शिकार हुए व्यक्तियों के तो नाम तक भी बता दिए। वही उनका कहना था कि बरसात के मौसम के अलावा भी जानवर इस ट्रांसफार्मर से हादसे का शिकार होते रहते हैं

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झुंझुनू शहर से ही बिजली विभाग की उदासीनता के चलते बड़े हादसे सामने आ चुके हैं वहीं चंद दिनों पहले ही राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के स्पेशल मॉनिटर बालकृष्ण गोयल का झुंझुनू में आगमन हुआ था तो उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए थे की जमीन के नजदीक रखे हुए ट्रांसफार्मर को ऊंचा किया जाए और उनके चारों तरफ फेंसिंग की जाए ताकि किसी प्रकार का हादसा नहीं हो लेकिन अनेक प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद बिजली विभाग की उदासीनता ही झुंझुनू में देखने को मिल रही है। जिसके चलते लगता है कि बिजली विभाग के अधिकारियो पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई होने का डर खत्म हो चला है। अब सवाल खड़ा होता है कि आम जनता इस उदासीनता के चलते कब तक काल कल्वित होती रहेगी। शेखावाटी लाइव ब्यूरो रिपोर्ट झुंझुनू