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Jhunjhunu News : झुंझुनूं में मौसम केंद्र नहीं : पिलानी के आंकड़ों पर निर्भर झुंझुनूं जिला मुख्यालय

दूरी से गड़बड़ा रहा मौसम डेटा,किसानों व रिसर्च पर असर

Jhunjhunu city lacks official weather station affecting data accuracy

झुंझुनूं शहर में मौसम विभाग का अधिकृत मौसम केंद्र नहीं होना एक बड़ी समस्या बन गया है। जिला मुख्यालय होने के बावजूद यहां के लोगों को सटीक मौसम जानकारी के लिए पिलानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है


पिलानी के आंकड़ों से तय हो रहा झुंझुनूं का मौसम

वर्तमान में झुंझुनूं जिले का तापमान और अन्य आंकड़े पिलानी स्थित मौसम केंद्र के आधार पर माने जाते हैं।

लेकिन दोनों स्थानों के बीच करीब 50 किलोमीटर की दूरी होने के कारण कई बार मौसम में बड़ा अंतर देखने को मिलता है। इसके बावजूद पिलानी के आंकड़ों को ही पूरे जिले का डेटा मान लिया जाता है, जिससे स्थानीय स्तर पर गलत अनुमान बनता है।


बना था मौसम स्टेशन, पर नहीं हो रहा उपयोग

जानकारी के अनुसार, पहले तहसील परिसर में मौसम स्टेशन स्थापित किया गया था, जिसमें तापमान मापने सहित अन्य उपकरण लगाए गए थे।

लेकिन स्थापना के बाद इसकी कोई देखरेख नहीं हुई, जिसके कारण यह स्टेशन निष्क्रिय हो गया और आज इसका कोई उपयोग नहीं हो रहा।


किसानों पर पड़ रहा सीधा असर

अगर झुंझुनूं में स्थानीय मौसम केंद्र स्थापित हो जाए, तो इसका सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिलेगा।

जिले में प्रमुख फसलें:

  • बाजरा
  • मूंग
  • मोठ
  • सरसों

सटीक मौसम पूर्वानुमान मिलने से किसान:

  • सही समय पर बुवाई और कटाई कर सकेंगे
  • पाला, बारिश, ओलावृष्टि से पहले तैयारी कर पाएंगे
  • सिंचाई और फसल प्रबंधन बेहतर कर सकेंगे

प्रशासन को भी मिलेगा फायदा

स्थानीय मौसम केंद्र से:

  • आंधी, तेज बारिश, बिजली गिरने की सटीक चेतावनी मिल सकेगी
  • प्रशासन समय पर अलर्ट जारी कर पाएगा
  • आपदा प्रबंधन और राहत कार्य बेहतर होंगे

रिसर्च और पढ़ाई में भी बाधा

झुंझुनूं में रिसर्च करने वाले छात्रों को अभी पिलानी के डेटा पर निर्भर रहना पड़ता है, जो हमेशा सटीक नहीं होता।

डॉ. अनिता जैफ (सहायक आचार्य, वनस्पति विज्ञान) एनएमटी राजकीय गल्र्स कॉलेज, झुंझुनूं. का कहना है:

“झुंझुनूं में मौसम केंद्र नहीं होने से सही आंकड़े नहीं मिल पाते। रिसर्च के दौरान केवल बारिश का डेटा ही उपलब्ध हो पाया, जबकि तापमान, आर्द्रता और हवा की गति जैसे महत्वपूर्ण आंकड़े नहीं मिल सके।”


समाधान क्या है?

विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • निष्क्रिय पड़े मौसम स्टेशन को फिर से चालू किया जाए
  • जिला मुख्यालय पर अधिकृत मौसम केंद्र स्थापित किया जाए

इससे झुंझुनूं को सटीक और स्थानीय मौसम डेटा मिल सकेगा, जिससे हर क्षेत्र को लाभ होगा।

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