झुंझुनूं स्थित जेजेटी विश्वविद्यालय में 20 अप्रैल से 25 अप्रैल तक 6 दिवसीय संकाय विकास कार्यक्रम (FDP) का शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय के IQAC सेल द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम का मुख्य विषय “Transforming Higher Education through AI Integration, Outcome Based Education and Academic Innovation” रखा गया है।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुई।
विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. विनोद टीबडेवाल ने ऑनलाइन जुड़कर शुभकामनाएं दीं। वहीं प्रेसिडेंट डॉ. मधु गुप्ता ने कहा:
“आधुनिक शिक्षा में AI और नवाचार को अपनाना समय की मांग है।”
कुल सचिव डॉ. अजीत कुमार ने संकाय सदस्यों को अपने ज्ञान को अपडेट करने के लिए प्रेरित किया।
NEP 2020 और AI पर विशेषज्ञों की चर्चा
पहले दिन के सत्र में डॉ. सुनीता पांडे (प्राचार्य, राजकीय वाणिज्य महाविद्यालय, सीकर) ने NEP 2020 पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति स्कूली से उच्च शिक्षा तक कैसे बदलाव ला रही है।
दूसरे सत्र में डॉ. विक्रम जाखड़ ने AI के फायदे और नुकसान पर प्रकाश डाला और शोध में इसके उपयोग के उदाहरण दिए।
वहीं विजय मसीह (प्राचार्य, मोदी विद्या विहार, झुंझुनूं) ने “Silicon Era में विद्यार्थी (Mentee)” विषय पर अपने विचार साझा किए।
110 प्रतिभागियों ने लिया भाग
इस कार्यक्रम में कुल 110 संकाय सदस्य और शोधार्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से जुड़े।
कार्यक्रम में डॉ. अमन गुप्ता, डॉ. इकराम कुरैशी, डॉ. कपिल जानू, डॉ. नीतिश गौतम सहित कई शिक्षाविद मौजूद रहे।
ज्ञान को अपडेट करने का अवसर
कार्यक्रम समन्वयक डॉ. सुरेंद्र कुमार ने स्वागत उद्बोधन दिया, जबकि डॉ. धर्मेंद्र कौशिक ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।
आयोजकों के अनुसार,
“यह FDP शिक्षकों के लिए अपने ज्ञान को नवीनीकृत करने और नई तकनीकों को समझने का बेहतरीन मंच है।”



