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प्राकृतिक चिकित्सा क्षेत्र में बडा योगदान देगा जेजेटीयू – डॉ. ढुल

जेजेटीयू परिसर में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का शुभारंभ

हर सत्र में 100 युवाओं को प्राकृतिक चिकित्सक बनाने का दिया जाएगा प्रशिक्षण

आसपास के इलाके, विशेषकर खिलाडियों को स्वास्थ्य सुविधाओं में होगी बढोतरी

झुंझुनू, श्री जगदीशप्रसाद झाबरमल टिबडेवाला विश्वविद्यालय के प्रेजिडेंट डॉ. देवेंद्र सिंह ढुल ने कहा कि भागदौड भरी जिंदगी में स्वास्थ्य स्तर में आ रही गिरावट को खत्म करने व आमजन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने में प्राकृतिक चिकित्सकों की भविष्य में बडी अहम भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि इस दिशा में श्री जेजेटी विश्वविद्यालय अपनी अहम भूमिका निभाएगा, ताकि देश, प्रदेश को योग्य प्राकृतिक चिकित्सक उपलब्ध करवाए जा सकें।

शनिवार को श्री जेजेटी विवि परिसर में प्रेजिडेंट डॉ. देवेंद्र सिंह ढुल ने रजिस्ट्रार डॉ. अजीत कुमार, निदेशक संपदा इंजीनियर बालकृष्ण टिबडेवाला, उनकी धर्मपत्नी प्रेमलता टिबडेवाला, परामर्श समिति सदस्य डॉ. मधु गुप्ता, मुख्य वित्त अधिकारी डॉ. अमन गुप्ता व विभागाध्यक्ष डॉ. उज्ज्वल चैधरी के साथ योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा विभाग द्वारा स्थापित किए गए सेठ फतेहचंद पालीराम झुनझुनवाला प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का रीबन काटकर शुभारंभ किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा ने भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता को हमेशा आगे बढाने का काम किया है। अकेला प्राकृतिक चिकित्सा ही ऐसी विधा है, जिसमें व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक, नैतिक व आध्यात्मिक तौर पर मजबूत बनाने पर काम किया जाता है। सस्ती, सुलभ इस चिकित्सा प्रणाली के माध्यम से व्यक्ति की रोग प्रतिरोध क्षमता को बेहतर बनाने के साथ-साथ समाज के विकास में भी योगदान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि श्री जेजेटी विवि परिसर में स्थापित प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र हर साल 100 छात्रों को प्राकृतिक चिकित्सक का प्रशिक्षण उपलब्ध करवाएगा। इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। डॉ. ढुल ने कहा कि इस प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र के माध्यम से झुंझुनू व आसपास के इलाके के नागरिक कम दाम पर चिकित्सा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। यही नहीं चोट का शिकार होने वाले खिलाडियों को इस केंद्र का बडा लाभ होगा।

बीएनवाईएस प्रभारी डॉ. उज्जवल चौधरी ने बताया कि इस प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में संपूर्ण प्राकृतिक चिकित्सा, आयुर्वेद पंचकर्म चिकित्सा, एक्यूप्रेशर, एक्यूपेंचर, फिजियोथैरेपी सहित बहुत सी चिकित्सा पद्धतियों की सुविधा उपलब्ध रहेगी, जहां पर लगभग 100 विद्यार्थी इन सभी चिकित्सा सुविधाओं की पद्धतियों का प्रशिक्षण लेकर चिकित्सक बनेंगे। इस अवसर पर केंद्र सह प्रभारी डॉ. संजीव, डॉ. प्रियंका, डॉ. जया, योग विभागाध्यक्ष डॉ. तनुश्री, डॉ. सुषमा मौर्य, डॉ. प्रगति, थैरेपिस्ट उमेश कुमार, भावना सैनी, डॉ. राम दर्शन फौगाट, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. अनिल कड़वासरा, डॉ. इकराम कुरेशी, डॉ. मनोज गोयल, कपिल जानू, पीआरओ डा. रामनिवास सोनी आदि उपस्थित रहे।

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