झुंझुनूं में काटली नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है।
सरस्वती रूरल एंड अर्बन डेवलपमेंट सोसायटी की ओर से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर नदी के दोनों तटों पर वृक्षारोपण कर हरित पट्टिका बनाने की मांग की गई।
अतिक्रमण हटाने और जल स्रोत बचाने की मांग
ज्ञापन में नदी के सहायक नालों और जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने पर जोर दिया गया।
साथ ही उद्गम स्थल, बांध और एनीकट को सुरक्षित रखते हुए जल संरक्षण के उपाय अपनाने की बात कही गई।
जल सोखता बांध और सिंधु जल प्रवाह का प्रस्ताव
अभियान के तहत
- जोधपुरा सुनारी
- मैनपुरा हीरवाना
- बगड़ क्षेत्र
में जल सोखता बांध बनाने और इनमें सिंधु जल प्रवाहित करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
पर्यावरण संतुलन के लिए हरित पट्टिका जरूरी
अभियान संयोजक सुभाष कश्यप ने बताया कि नदी के दोनों किनारों पर स्थानीय जलवायु के अनुकूल लंबे समय तक जीवित रहने वाले वृक्ष लगाए जाएं।
इससे
पर्यावरण संतुलन बेहतर होगा
भविष्य में अतिक्रमण रोका जा सकेगा
कलेक्टर को सौंपे गए दो ज्ञापन
अभियान से जुड़े लोगों ने जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग को मुख्यमंत्री के नाम सहित दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।
कलेक्टर ने मांगों को ध्यानपूर्वक सुनकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
शेखावाटी स्तर पर होगा अभियान विस्तार
अभियान संयोजक के अनुसार जल्द ही
- सीकर, झुंझुनूं और चूरू के कलेक्टरों
- तथा क्षेत्र के सांसदों
को भी ज्ञापन सौंपकर काटली नदी पुनर्जीवन अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।



