Hindi News / Jhunjhunu News (झुंझुनू समाचार) / Jhunjhunu News : भक्ति यात्रा में गूंजे माता के जयकारे, बसों से गुड़गांव पहुंचे श्रद्धालु

Jhunjhunu News : भक्ति यात्रा में गूंजे माता के जयकारे, बसों से गुड़गांव पहुंचे श्रद्धालु

Devotees traveling by buses to Sheetla Mata temple Gurgaon from Khetri

खेतड़ी के अजय नगर से शीतला माता यात्रा, सैकड़ों श्रद्धालु रवाना

झुंझुनूं जिले के खेतड़ी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत संजय नगर के राजस्व गांव अजय नगर से सैकड़ों श्रद्धालु बसों के माध्यम से गुड़गांव स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ शीतला माता मंदिर के लिए रवाना हुए।

यह यात्रा ढाणी डूढाणियां अजय नगर के शीतला माता मंदिर के भगत इंदु के नेतृत्व में आयोजित की गई।

जयकारों और भजनों से गूंजा माहौल

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बसों में सवार महिला और पुरुष भक्त माता के भजनों पर नाचते-गाते हुए पूरे रास्ते जयकारे लगाते रहे।

ढोल-नगाड़ों की धुन पर थिरकते श्रद्धालुओं ने इस यात्रा को एक भक्ति उत्सव का रूप दे दिया।

प्रमुख शक्तिपीठों में किए दर्शन

गुड़गांव पहुंचकर श्रद्धालुओं ने मां शीतला, चौराहे वाली माता और बुधो माता सहित प्रमुख शक्तिपीठों में दर्शन किए।

भक्तों ने परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए माता के चरणों में मत्था टेका।

अजय नगर मंदिर की बढ़ रही महिमा

श्रद्धालुओं के अनुसार अजय नगर स्थित शीतला माता मंदिर की महिमा अब पूरे शेखावाटी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन चुकी है।

यहां हर मंगलवार और शनिवार को विशेष दरबार लगता है, जहां दूर-दूर से भक्त पहुंचते हैं।

बिना बताए समस्या का समाधान

भक्तों का मानना है कि मंदिर के महंत इंदु बिना कुछ बताए ही श्रद्धालुओं की समस्याओं को समझ लेते हैं और उनका समाधान बताते हैं।

कई श्रद्धालुओं ने यहां आने के बाद रोग और कष्टों से मुक्ति मिलने का दावा भी किया है।

पुजारी बोले— भगवान देते हैं, लेते नहीं

मंदिर के पुजारी इंदु ने कहा कि “भगवान अपने भक्तों से कुछ नहीं लेते, बल्कि हमेशा देने वाले होते हैं।”

उन्होंने बताया कि हर मंगलवार और शनिवार को लगने वाले दरबार में भारी भीड़ उमड़ती है और सभी श्रद्धालुओं की समस्याओं का आध्यात्मिक समाधान किया जाता है।

समिति ने संभाली पूरी व्यवस्था

इस वार्षिक यात्रा के सफल आयोजन में शीतला माता मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की अहम भूमिका रही।

बसों की व्यवस्था से लेकर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा तक का पूरा ध्यान रखा गया। यह आयोजन वर्ष में दो बार किया जाता है।