लोहार्गल। अधिकमास की पावन परमा एकादशी के अवसर पर गुरुवार को प्रसिद्ध तीर्थराज लोहार्गल में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र सूर्य कुंड में स्नान कर धार्मिक अनुष्ठान किए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परमा एकादशी के दिन स्नान, पूजा और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है। इसी आस्था के साथ श्रद्धालु बड़ी संख्या में लोहार्गल पहुंचे।
सूर्य कुंड में आस्था की डुबकी
अलसुबह से ही सूर्य कुंड पर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। भक्तों ने पवित्र जल में स्नान कर अपने परिवार की सुख-समृद्धि और मंगलकामना की।
तीर्थराज लोहार्गल में दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा और भगवान विष्णु के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा।
गोमुख जलधारा से किया भगवान विष्णु का जलाभिषेक
स्नान के बाद श्रद्धालु गोमुख स्थित प्राचीन मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने गोमुख की पवित्र जलधारा से भगवान विष्णु (ठाकुरजी) का जलाभिषेक किया।
श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली, स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की।
“परमा एकादशी पर लोहार्गल में स्नान और पूजा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।”
विष्णु सहस्रनाम पाठ और दान-पुण्य
मंदिर परिसर में कई श्रद्धालुओं ने बैठकर विष्णु सहस्रनाम का पाठ किया। वहीं बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार दान-पुण्य भी किया।
पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति और श्रद्धा का अनूठा संगम देखने को मिला।
पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए गोठड़ा पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे।
बाजारों में बढ़ी रौनक, व्यापारियों के खिले चेहरे
परमा एकादशी के अवसर पर तीर्थयात्रियों की भारी आमद से लोहार्गल के बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिली।
श्रद्धालुओं ने स्थानीय दुकानों से प्रसिद्ध केरी का आचार और अन्य पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी की, जिससे स्थानीय व्यापारियों को अच्छा कारोबार मिला।
धार्मिक पर्यटन को मिला बढ़ावा
श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने एक बार फिर लोहार्गल की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को रेखांकित किया। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे आयोजनों से धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को मजबूती मिलती है।





