घरेलू गैस कालाबाजारी के विरुद्ध प्रदेशव्यापी स्ट्राइक : 12 दिनों में 3080 सिलेंडर जब्त, 634 प्रकरण दर्ज, सीकर और चूरू में भी कार्रवाई: झुंझुनू सन्नाटा क्यों ?
जयपुर/झुंझुनू घरेलु एलपीजी के दुरूपयोग, कालाबाजारी, अवैध रिफिलिंग, भण्डारण, व्यावसायिक उपयोग को रोकने एवं मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुँचाने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने बड़ी कार्यवाही की है। खाद्य मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार 16 फरवरी से 27 फरवरी 2026 तक प्रदेश भर में दो सप्ताह के विशेष सघन अभियान संचालित किया गया। विभाग द्वारा गठित विशेष प्रवर्तन दलों ने राज्य के सभी जिलों में गैस एजेंसियों, गोदामों, होटल-ढाबों और संदिग्ध ठिकानों पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति के साथ दबिश दी।
राज्य भर में कुल 2416 प्रतिष्ठानों और संदिग्ध स्थलों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान अवैध रिफिलिंग और दुरुपयोग के 634 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 3080 घरेलू एवं व्यावसायिक सिलेंडर जब्त किए गए। गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 17 मामलों में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करवाई गई है। शेष प्रकरणों में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ (EC Act) के तहत विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना की पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु 3,967 लाभार्थियों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया। गोदारा ने अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग और अवैध रिफिलिंग न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह आमजन की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। उन्होंने अधिकारियों को औचक निरीक्षण और विशेष अभियान भविष्य में भी नियमित अंतराल पर जारी रखे जाने हेतु निर्देशित किया।
विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का अवैध भंडारण या दुरुपयोग करने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी को बख्शा नहीं जाएगा। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के प्रत्येक पात्र परिवार को बिना किसी बाधा के पारदर्शी तरीके से सब्सिडी और गैस आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
सीकर में बड़ी कार्रवाई, कुल 38 सिलेंडर जब्त
सीकर नगर परिषद और रींगस नगरपालिका क्षेत्र में होटल, रेस्टोरेंट, भंडारा और रसोई प्रतिष्ठानों पर घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यवसायिक दुरुपयोग एवं अवैध रिफिलिंग रोकने के लिए नगर परिषद और जिला रसद अधिकारी के निर्देश पर गठित जांच दल ने तीन अलग-अलग तारीखों में कार्रवाई की।18 फरवरी को पांच प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण में कुल 9 गैस सिलेंडर जब्त किए गए। 23 फरवरी को प्रगति स्कूल के पास और चौहान सीमेंट सप्लायर्स रेजीडेंसी से अवैध रिफिलिंग के दौरान 23 सिलेंडर जब्त किए गए। वहीं 26 फरवरी को रींगस नगरपालिका क्षेत्र में चार प्रतिष्ठानों में जांच में 6 सिलेंडर बरामद हुए।
कार्यवाही में शामिल प्रवर्तन अधिकारी सुनीता वर्मा, प्रवर्तन निरीक्षक सुरभि मीणा और अनुराग बैरवाल ने बताया कि सभी प्रतिष्ठान संचालकों द्वारा वैध दस्तावेज नहीं प्रस्तुत किए गए और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। जब्त सिलेंडरों को संबंधित गैस एजेंसियों को सुपुर्दगी नामे के तहत सुरक्षित रखा गया।
जांच दल ने चेताया कि घरेलू सिलेंडरों में भरी गैस ज्वलनशील है और इसे सुरक्षित निस्तारित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 6ए के तहत जिला कलेक्टर, सीकर में प्रकरण प्रस्तुत किया जाएगा
चूरू में होटलों से 13 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त
बीदासर कस्बे में शुक्रवार को रसद विभाग ने घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो होटलों से कुल 13 सिलेंडर जब्त किए। कार्रवाई से होटल संचालकों में हड़कंप मच गया।प्रवर्तन अधिकारी महिपाल सिंह ने बताया कि जिला रसद अधिकारी अंशु तिवाड़ी के निर्देशन में टीम ने नोखा रोड स्थित विद्युत विभाग के सामने जय माँ भवानी होटल में छापेमारी की।जांच के दौरान यहां व्यावसायिक कार्य में उपयोग किए जा रहे 10 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए। इसके बाद टीम ने डूंगरगढ़ तिराहा स्थित न्यू भवानी होटल पर कार्रवाई करते हुए 3 घरेलू सिलेंडर जब्त किए। इस प्रकार कुल 13 घरेलू गैस सिलेंडर कब्जे में लेकर डिस्ट्रीब्यूटर शुभम गैस एजेंसी को सुपुर्द किए गए।
कार्रवाई के दौरान:प्रवर्तन अधिकारी जितेंद्र सिंह (तारानगर)
बीदासर आसूचना अधिकारी नोपाराम अन्य विभागीय टीम मौजूद रही।
झुंझुनू में क्यों सन्नाटा ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झुंझुनू में इस अभियान के दौरान किसी भी प्रकार का प्रेस नोट सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा भी सामने नहीं आया। यहां पर सवाल खड़ा होता है कि मंत्री के निर्देशों पर पूरे प्रदेश में इतना बड़ा अभियान चला लेकिन झुंझुनू में क्या कोई कार्रवाई नहीं हुई ? यदि नहीं हुई तो क्यों ? क्या झुंझुनू में घरेलू सिलेंडरों का कोई व्यावसायिक उपयोग नहीं होता है ? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि झुंझुनू जिला मुख्यालय पर ही जिला प्रशासन की नाक के नीचे ही खुलेआम अवैध रिफिलिंग का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है लेकिन इस पर कार्रवाई नहीं होना प्रशासन की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लगता है। यदि संबंधित विभाग ने कोई कार्रवाई की हो चाहे वह छोटी मोटी ही क्यों ना हो तो उसका प्रेस नोट क्यों जारी करना उचित नहीं समझा ? वह भी जब मंत्री के इतने बड़े महत्वाकांक्षी निर्देशों की पालना में पुरे प्रदेश में अभियान चला हो।
वही आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले दिनों जब मंत्री सुमित गोदारा झुंझुनू जिले में दौरे पर आए थे तो जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में इन्होंने साफ निर्देश दिया था कि रसद विभाग द्वारा मीडिया को समय-समय पर डाटा सांझा किया जाए। यह निर्देश उन्होंने खाद्य सुरक्षा योजना के संदर्भ में दिया था क्योकि पत्रकारों ने उनको अवगत करवाया था कि आपके विभाग से संबंधित कोई जानकारी मिडिया से साँझा नहीं होती है तो मौके पर उपस्थित सूचना जनसंपर्क अधिकारी और संबंधित विभाग को भी उन्होंने मीडिया से जानकारी हर तीसरे दिन डाटा साझा करने के लिए निर्देश दिया था। प्रदेश में इतना बड़ा अभियान चला लेकिन झुंझुनू में घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई या यो कहे कोई भी सरकारी प्रेस नोट का नहीं आना अपने आप में बड़ा सवालिया निशान सिस्टम पर लगा रहा है।
