झुंझुनूं। झुंझुनूं संस्थापक वीर झुंझा स्मारक स्थल पर Maharaja Suraj Mal की जयंती बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई।
कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भाग लिया।
प्रतिमा पर पुष्पांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत महाराजा सूरजमल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर और जयघोष के साथ की गई।
सभी वक्ताओं ने उन्हें अजेय महायोद्धा बताते हुए उनके शौर्य, नेतृत्व और राष्ट्रहित में दिए योगदान को याद किया।
युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा
महाराजा सूरजमल स्वाभिमान मंच के संयोजक और नेशनल यूथ आइकॉन वकील विजयहिंद जालिमपुरा ने कहा
अपने जीवनकाल के 80 युद्धों में विजय प्राप्त करने वाले महान सम्राट की जीवनी को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है, ताकि युवा वर्ग राष्ट्रभक्ति और स्वाभिमान से प्रेरित हो सके।
उन्होंने कहा कि महाराजा सूरजमल ने विदेशी आक्रांताओं से मां भारती की अस्मिता की रक्षा करते हुए भारतीय संस्कृति और अखंडता को सुदृढ़ बनाए रखा।
विचार गोष्ठी में रखे गए विचार
जयंती के अवसर पर एक विचार गोष्ठी भी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम में डॉ. महेंद्र नेहरा, साहित्यकार राजेंद्र कसवां, सुरेश जाखड़, विजयगोपाल मोटसरा, बाबूलाल थालौड़, महेंद्र सिंह, इंद्राज नेहरा, बूटीराम मोटसरा, रामकुमार झाझड़िया, बनवारी जाखड़, डॉ. मुकेश एस. मुंड और महेश श्योराण सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे।
झुंझुनूं में आयोजित यह समारोह क्षेत्रीय स्तर पर ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
