मुंह-पैर बांधकर ले जाए जा रहे ऊंटों को पुलिस ने बचाया, आरोपी गिरफ्तार
झुंझुनूं। जिले के मंड्रेला थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध पशु परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 ऊंटों को मुक्त कराया है।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (आईपीएस) के निर्देश पर की गई।
चेकिंग के दौरान पकड़ी गई पिकअप
थानाधिकारी कैलाशचंद के नेतृत्व में गठित टीम ने चेकिंग के दौरान एक पिकअप गाड़ी को रोका।
जांच में पाया गया कि गाड़ी में 3 मादा और 1 नर ऊंट को मुंह व पैर बांधकर क्रूरता पूर्वक बैठाया गया था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ऊंटों को रतनगढ़ से खरीदकर हरियाणा के नूंह मेवात स्थित बुचड़खाने ले जा रहा था।
गोपाल गोशाला में सुपुर्द किए ऊंट
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ऊंटों को मुक्त करवाया।
इसके बाद उनका स्वास्थ्य परीक्षण करवाकर देखरेख और सुरक्षा के लिए गोपाल गोशाला मंड्रेला में अस्थायी रूप से सुपुर्द किया गया।
आरोपी अजीम गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने आरोपी अजीम पुत्र सदीक (उम्र 32 वर्ष) निवासी दोही थाना झिरका, फिरोजपुर जिला नूंह मेवात (हरियाणा) को गिरफ्तार किया है।
आरोपी के खिलाफ —
- राजस्थान ऊंट (वध प्रतिषेध व प्रव्रजन/निर्यात विनियमन) अधिनियम 2015 की धारा 5, 6, 8
- पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11(1)(a), 11(1)(घ)
के तहत मामला दर्ज किया गया है।
प्रकरण में आगे की जांच जारी है।
क्यों अहम है यह कार्रवाई?
राजस्थान में ऊंट राज्य पशु घोषित है और उसके वध व अवैध परिवहन पर सख्त प्रतिबंध है।
मंड्रेला पुलिस की यह कार्रवाई पशु संरक्षण और कानून व्यवस्था की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
