पर्यटन बढ़ाने और धरोहर बचाने के लिए बड़ा प्रोजेक्ट तैयार
झुंझुनूं शहर की ऐतिहासिक मेडतानी बावड़ी के जीर्णोद्धार के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। इसके लिए ₹2.50 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे इस धरोहर को फिर से आकर्षक बनाया जाएगा।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
बुधवार को पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के सहायक अभियंता अनिल मित्तल ने स्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्यों का जायजा लिया।
इस दौरान पर्यटन विभाग के उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी भी मौजूद रहे।
क्या-क्या होंगे विकास कार्य
योजना के तहत बावड़ी में कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे:
- सफाई और संरचनात्मक मजबूती
- सौंदर्यीकरण और आकर्षक लाइटिंग
- सुरक्षा प्रबंध
- पर्यटकों के लिए सुविधाओं का विकास
अधिकारियों के अनुसार, इन कार्यों से बावड़ी को नया रूप मिलेगा और यह पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन सकती है।
1780 के आसपास बनी ऐतिहासिक धरोहर
पीपली चौक के पास स्थित यह बावड़ी लगभग 1780 ई. के आसपास निर्मित मानी जाती है।
ऐतिहासिक दृष्टि से यह क्षेत्र की महत्वपूर्ण धरोहरों में शामिल है।
कैसे होगा फंड का उपयोग
इस परियोजना में कुल ₹2.50 करोड़ खर्च किए जाएंगे:
- ₹1.25 करोड़ पर्यटन विभाग द्वारा
- ₹1.25 करोड़ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना के तहत
पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
उपनिदेशक देवेंद्र चौधरी ने बताया:
“इस परियोजना से न केवल धरोहर का संरक्षण होगा, बल्कि पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।”
क्षेत्र के विकास में बड़ी पहल
मेडतानी बावड़ी के जीर्णोद्धार से झुंझुनूं में पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और शहर की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।
