झुंझुनूं जिले के मेहाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस पर हमला करने और सरकारी वाहन को जलाने की कोशिश करने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय (IPS) के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देवेंद्र सिंह राजावत के मार्गदर्शन में की गई।
सड़क हादसे के बाद शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार 7 मार्च 2026 की रात को सूचना मिली कि राजकीय अस्पताल मेहाड़ा के पास सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसका शव सड़क पर पड़ा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को 112 वाहन से अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रही थी। इसी दौरान गांव के कुछ युवक मौके पर पहुंच गए और शव को अस्पताल ले जाने से रोकने लगे। थोड़ी ही देर में वहां 100–150 लोगों की भीड़ जमा हो गई।
पुलिस वाहन को जलाने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक भीड़ में शामिल लोगों ने पुलिस वाहन से शव निकालने की कोशिश की और वाहन को आग लगाने का प्रयास किया। उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी शुरू कर दी और जान से मारने की धमकियां दीं।
कुछ लोगों ने कथित तौर पर कहा – गाड़ी से लाश निकालो और गाड़ी को आग लगा दो। हालात बिगड़ते देख मौके पर अतिरिक्त पुलिस जाप्ता बुलाया गया, जिसके बाद भीड़ को तितर-बितर किया गया।
पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट
घटना के दौरान भीड़ ने कांस्टेबल सत्येंद्र को पकड़कर मारपीट की और उनका मोबाइल छीन लिया। वहीं मेहाड़ा थानाधिकारी राममनोहर को गंभीर चोटें आईं। पत्थरबाजी और मारपीट में खेतड़ी थानाधिकारी मोहनलाल, एएसआई अनिल कुमार और हेड कांस्टेबल अमरचंद सहित अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
इन 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल 5 युवकों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी:
- कुलदीप उर्फ बकरा (21) पुत्र मनीराम धानक
- मोहनलाल (25) पुत्र लालचंद धानक
- धर्मपाल (25) पुत्र महेंद्र धानक
- अनुज (26) पुत्र राकेश
- साहिल कुमार (21) पुत्र सुनील कुमार
सभी आरोपी मेहाड़ा जाटूवास, जिला झुंझुनूं के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों को 10 मार्च 2026 को न्यायालय में पेश किया।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
घटना को लेकर पुलिस ने राजकार्य में बाधा, पुलिस पर हमला, सरकारी संपत्ति को नुकसान और हत्या के प्रयास सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच खेतड़ी थाना के उपनिरीक्षक हनुमान प्रसाद को सौंपी गई है।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि: राजकार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
