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नवलगढ़ नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी नहीं, शहर अव्यवस्थाओं की चपेट में

सीवरेज, जलभराव और ट्रैफिक अव्यवस्था से जूझ रही जनता, न्याय मित्र ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

झुंझुनूं, पर्यटन नगरी नवलगढ़ इन दिनों गंभीर शहरी समस्याओं से जूझ रही है। शहर की नगरपालिका में अधिशासी अधिकारी (EO) का पद लंबे समय से रिक्त है, जिससे शहर में प्रशासनिक अव्यवस्था चरम पर पहुंच गई है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त न्याय मित्र के. के. गुप्ता ने सीधे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।


बारिश में शहर जलमग्न, सीवरेज बना मुसीबत

न्याय मित्र ने पत्र में लिखा कि वर्षा ऋतु के दौरान शहर में जगह-जगह पानी भर रहा है, सीवरेज लाइनें चोक हो चुकी हैं और घरों तक गंदा पानी पहुंच रहा है। इससे मौसमी बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। चूंकि मनरेगा या नगरपालिका द्वारा निकासी की कोई पूर्व तैयारी नहीं की गई, इसलिए हालात और बिगड़ते जा रहे हैं।


बेसहारा मवेशी, अतिक्रमण और ट्रैफिक का संकट

शहर में बेसहारा पशु खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। काइन हाउस की उचित व्यवस्था न होने से गौमाता भी सड़कों पर भटक रही हैं।
वहीं, दुकानदारों द्वारा अतिक्रमण और फुटपाथ पर कब्जे के कारण पैदल राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है क्योंकि पार्किंग की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं है।


नालों की सफाई अधूरी, हर गली में जलभराव

मानसून से पहले बड़े नालों की सफाई नहीं करवाई गई। अब बारिश आते ही वे पूरी तरह बंद हो गए हैं। वहीं, गली-मोहल्लों की छोटी नालियां भी जाम हैं, जिससे पानी सड़कों और गलियों में फैल गया है।


न्याय मित्र की मांग – जल्द हो EO की स्थाई या अस्थाई नियुक्ति

श्र गुप्ता ने मुख्यमंत्री से स्थाई अधिशासी अधिकारी की त्वरित नियुक्ति की मांग की है। जब तक स्थाई नियुक्ति संभव नहीं हो, तब तक किसी स्थानीय अधिकारी को अस्थाई प्रभार देने की सिफारिश की गई है।

“शहर में शहरी सेवाएं ठप हैं, जनता बुरी तरह त्रस्त है। सीवरेज और सफाई व्यवस्था में लापरवाही स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। जब तक जिम्मेदार EO नहीं होगा, समाधान संभव नहीं।”
के. के. गुप्ता, न्याय मित्र


पत्र की प्रतिलिपि उच्च अधिकारियों को भेजी गई

इस पत्र की प्रति स्वायत्त शासन मंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव, निदेशक एवं झुंझुनूं जिला कलेक्टर को भी भेजी गई है, ताकि जल्द कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।