झुंझुनूं, नोरंग राम दयानंद ढूकिया नर्सिंग कॉलेज में 12 मई को इंटरनेशनल नर्सेज डे एवं फ्लोरेंस नाइटिंगेल जयंती बड़े उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और नर्सिंग एंथम के साथ हुआ।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन पर प्रस्तुतियां
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन, संघर्ष और उनकी उपलब्धियों को प्रस्तुत किया।
फ्लोरेंस नाइटिंगेल को “लेडी विद द लैंप” कहा जाता है। क्रीमियन युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की रातभर सेवा करने के कारण उन्हें यह पहचान मिली थी।
नर्सों की भूमिका पर दिया संदेश
संस्थान सचिव डॉ. संदीप ढूकिया ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य सेवाओं का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं।
उन्होंने कहा:
“मरीजों की देखभाल, दवाइयों का प्रबंधन और आपातकालीन परिस्थितियों में नर्सों की भूमिका बेहद अहम होती है।”
उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल नर्सेज डे का उद्देश्य नर्सों के योगदान को सम्मान देना और समाज को उनके महत्व के प्रति जागरूक करना है।
मानव सेवा को सर्वोपरि रखने का आह्वान
संस्थान अध्यक्ष डॉ. सुनीता ढूकिया ने कहा कि कैंडल लाइट सेरेमनी, नर्सिंग प्रतिज्ञा और नर्सेज एंथम जैसे कार्यक्रम नर्सिंग मूल्यों को मजबूत बनाते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से मानव सेवा को सर्वोपरि रखते हुए अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का आह्वान किया।
2026 की थीम पर हुई चर्चा
प्राचार्य विवेक त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 2026 की आधिकारिक थीम:
“Our Nurses, Our Future – Empowered Nurses Save Lives”
रखी गई है।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं और स्टाफ को कैंडल जलाकर शपथ दिलाई गई।
केक कटिंग और मिठाई वितरण
कार्यक्रम के अंत में स्टाफ और नर्सिंग विद्यार्थियों द्वारा केक काटा गया तथा सभी को मिठाई वितरित की गई।




